इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने मुख्य सचिव शशि प्रकाश गोयल समेत चार अधिकारियों को अवमानना का नोटिस जारी किया है। इन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने 8 मई, 2026 के अंतरिम आदेश का पालन नहीं किया। इस आदेश में अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे राज्य के मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपलों पर विचार किए बिना DGME (डायरेक्टर जनरल मेडिकल एजुकेशन) का पद न भरें।
कोर्ट ने मामले से जुड़े अधिकारियों को 16 सितंबर को कारण बताने का निर्देश दिया है कि 8 मई के आदेश का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। ऐसा न करने पर, हाई कोर्ट ने कहा कि इन अधिकारियों को कोर्ट के सामने पेश होना होगा।
जस्टिस सौरभ लवानिया की सिंगल बेंच ने डॉ. मुकेश यादव द्वारा दायर अवमानना याचिका पर 14 अगस्त को यह आदेश पारित किया।
कोर्ट ने आदेश दिया, “नोटिस जारी करें। इस संबंध में सात कामकाजी दिनों के भीतर कदम उठाए जाएं। इस मामले को 16.09.2026 को सूचीबद्ध/पेश किया जाए। उस तारीख को प्रतिवादी/अवमाननाकर्ता कारण बताएंगे कि रिट-A नंबर 2129/2026 में 08.05.2026 को पारित इस कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने के लिए उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए। ऐसा न करने पर प्रतिवादी/अवमाननाकर्ता व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे।”
याचिकाकर्ता का आरोप है कि 8 मई, 2026 को पारित हाई कोर्ट के आदेश की अवहेलना की गई है। मुख्य सचिव और तीन अन्य अधिकारियों को याचिका में विपक्षी पक्ष के रूप में नामित किया गया है।
8 मई के अंतरिम आदेश में, हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों के स्थायी रूप से नियुक्त प्रिंसिपलों के मामलों पर पहले विचार किए बिना DGME का पद किसी अन्य तरीके से नहीं भरा जाएगा।
जस्टिस करुणेश सिंह पवार की सिंगल बेंच ने डॉ. मुकेश यादव द्वारा दायर एक अलग याचिका पर 8 मई का आदेश पारित किया था। याचिकाकर्ता ने मौजूदा अवमानना याचिका में इस आदेश का पालन न किए जाने का दावा किया है।


