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राम मंदिर चढ़ावा विवाद…सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर SIT ने तेज की जांच, 200 लोगों को भेजा नोटिस; रिश्तेदार भी जांच के दायरे में

Ram Mandir Controversy: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले की जांच अब और तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद गठित विशेष जांच दल (SIT) पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। जांच एजेंसी अब आरोपियों के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े अन्य लोगों से भी पूछताछ करेगी, ताकि मामले की हर कड़ी तक पहुंचा जा सके। जानकारी के अनुसार, इस जांच की निगरानी डीआईजी सोमेन वर्मा और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर कर रहे हैं। एसआईटी ने अब तक करीब 200 लोगों को नोटिस जारी किए हैं। इनमें आरोपी पक्ष के रिश्तेदार और मामले से जुड़े अन्य लोग भी शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है और हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।

एसआईटी कर रही पूछताछ

एसआईटी फिलहाल सभी संबंधित लोगों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, मामले से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड का भी सत्यापन किया जा रहा है। जांच केवल अयोध्या तक सीमित नहीं है, बल्कि अयोध्या के बाहर रहने वाले उन लोगों को भी जांच में शामिल किया जा रहा है जिनका इस मामले से किसी भी तरह का संबंध हो सकता है। इस बीच, राम मंदिर चढ़ावा विवाद की गूंज संसद तक पहुंच गई है। शुक्रवार को इस मुद्दे को लेकर संसद परिसर में भी हंगामा देखने को मिला। पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने इस मामले को उठाने के लिए संसद परिसर में अनोखे अंदाज में प्रदर्शन किया। वह पुजारी की वेशभूषा में पहुंचे और प्रतीकात्मक रूप से लोगों से चंदा मांगते हुए सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी भी वहां पहुंचे।

पप्पू यादव ने लगाया आरोप

प्रदर्शन के दौरान पप्पू यादव ने कहा कि “हिंदू धर्म और सनातन पर सिर्फ RSS का अधिकार नहीं है। हिंदू धर्म और सनातन सभी का है। हम देश के करोड़ों सनातन मानने वाले लोगों की आवाज उठा रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि मंदिरों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वहीं, पप्पू यादव के इस प्रदर्शन पर भाजपा नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उनके प्रदर्शन की आलोचना करते हुए इसे राजनीतिक स्टंट बताया। फिलहाल सभी की नजर एसआईटी की जांच पर टिकी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में किसकी क्या भूमिका रही और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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