उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने एक बहुत बड़ा घोटाला पकड़ा है। चमनगंज और बेकनगंज के दो शातिर धोखेबाज़ों ने ₹5,600 करोड़ का घोटाला किया। पुलिस ने दोनों को हैदराबाद से गिरफ्तार किया। खबरों के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ 86 मामले दर्ज किए गए हैं।
कानपुर की साइबर क्राइम टीम ने ₹5,600 करोड़ के घोटाले का पर्दाफाश करने के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेशी के बाद, उन्हें 48 घंटे की ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर लाया गया। दूसरे आरोपी से मिली जानकारी के आधार पर सलमान को भी गिरफ्तार किया गया।
पूरे नेटवर्क की जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टेबाजी, निवेश योजनाओं और “डिजिटल अरेस्ट” जैसे तरीकों से लोगों से पैसे ऐंठे। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उनके बैंक खातों, शेल कंपनियों और वित्तीय लेन-देन की जांच चल रही है। शुरुआती जांच से पता चलता है कि ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी गतिविधियों से जुड़े खातों के जरिए पैसे का हेरफेर किया गया। पुलिस अब पूरे नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश कर रही है।
आरोपियों के खिलाफ 86 मामले दर्ज
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, दोनों आरोपियों के खिलाफ 86 शिकायतें दर्ज हैं। शाहवेज़ वारिस के 11 बैंक खातों से जुड़ी शिकायतों में लगभग ₹170 करोड़ के घोटाले का पता चला है। वहीं, सलमान के खिलाफ 32 मामले दर्ज हैं, जिनमें करीब ₹16 करोड़ का कथित घोटाला शामिल है।
धोखाधड़ी से पैसे ऐंठे
खबर है कि आरोपियों ने कई तरीकों से लोगों को फंसाया। पीड़ितों को कम समय में निवेश के जरिए पैसे कई गुना करने का लालच दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस घोटाले में कुल कितने लोगों को निशाना बनाया गया।


