HomePOLITICSकांग्रेस यहीं से क्यों आमसभा की शुरुआत करती हैं 

कांग्रेस यहीं से क्यों आमसभा की शुरुआत करती हैं 

प्रियंका गांधी की मालवा निमाड़ क्षेत्र के बीच बडी आमसभा

 

कांग्रेस के लिए खास है मोहनखेड़ा, शुभ मानती है पार्टी

भोपाल – मध्य प्रदेश के मालवा अंचल के मोहनखेड़ा में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी चुनावी सभा को संबोधित करेंगी, कांग्रेस पार्टी ने मोहनखेड़ा से आदिवासी अंचल के 6 जिलों को साधने का प्लान तैयार किया है। दरअसल कांग्रेस पार्टी मोहनखेड़ा के क्षेत्र को शुभ मानती है, और यही वजह इंदिरा गांधी से लेकर प्रियंका गांधी तक कांग्रेस ने अपने कई बड़े चुनावी कार्यक्रम यहीं से किए है, गांधी परिवार की सदस्य प्रियंका गांधी 5 अक्टूबर को धार के मोहनखेड़ा में पहुंचेंगी । यहां जैन तीर्थ में दर्शन के बाद 3 किलोमीटर दूर राजगढ़ में आदिवासी अंचल में जनसभा को संबोधित करेंगी। प्रियंका गांधी आदिवासी जननायक टंट्या मामा की 5 फिट ऊंची प्रतिमा का अनावरण भी करेगी।

प्रियंका गांधी का धार जिले में ये इतिहास में दूसरी बार आरही है, पहली बार यह मांडू में उनके पिता राजीव गांधी के साथ जब प्रधानमंत्री थे, तब आयी थी।

प्रियंका गांधी के धार जिले के मोहनखेड़ा पहुंचने से पहले सियासत गर्म है।

प्रियंका गांधी जैन तीर्थ स्थल मोहनखेड़ा में रैली को संबोधित करेंगी। धार जिले में आने वाला मोहनखेड़ा धार और झाबुआ जिले के बीच में स्थित है। ये दोनों जिले आदिवासी बहुल हैं। प्रियंका गांधी यहां से रैली सभा कर आदिवासी वोटरों को रिझाएंगी।

आदिवासी वोटर इसलिए हैं, महत्वपूर्ण
मध्य प्रदेश में आदिवासी वोटरों को बिना कोई भी दल सरकार नहीं बना सकता। प्रदेश की 230 सीटों में से 47 सीटें आदिवासी वर्ग के लिए आकांग्रेस यहीं से क्यों आमसभा की शुरुआतरक्षित हैं। वहीं, करीब 84 सीटों पर आदिवासी समाज का सीधा प्रभाव है। 2018 के चुनाव में आदिवासी वोटरों के छींटने के चलते ही भाजपा की सरकार सत्ता से चली गई। इस वर्ष 47 में से 30 सीटें कांग्रेस ने जीती और 16 सीटें भाजपा के खाते में गई। एक सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी जीते। जबकि 2013 में भाजपा ने 31 सीटें जीती थी। आदिवासी वोटरों के चलते ही कांग्रेस की सत्ता में वापसी हुई थी।

उमंग सिंघार को गांधी परिवार का करीबी माना जाता है

कांग्रेस के आदिवासी नेता उमंग सिंघार भी अब पार्टी में अपना दम दिखा रहे है,प्रियंका गांधी की सभा धार ज़िले में होने जा रही है, इस सभा का ज़िम्मा कांग्रेस नेता उमंग सिंघार के कंधों पर है, इस सभा के जरिए उमंग भी प्रदेश के कांग्रेस नेताओं को ये बताना चाहते है, की उनकी पहुंच सीधे केंद्रीय नेतृत्व तक है, ये वही उमंग सिंघार हैं, जिन्होंने कमलनाथ सरकार में मंत्री रहते हुए दिग्विजय सिंह के ख़िलाफ़ मोर्चा खोल रखा था, हालांकि, ना उनका इस्तीफा हुआ था और ना ही कोई कार्रवाई हुई, अब प्रियंका गांधी की रैली कराकर सिंघार सीधे सियासी संदेश देने की रणनीति बनाई है, ताकि आदिवासी वोटों को साधा जा सके।

 

 

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
Santosh Singh is an author and news content contributor at Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact Samachar Live team at samacharlive.in@gmail.com
- Advertisment -spot_img

Must Read