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सपा ने तीन बागी विधायकों को दिखाया बाहर का रास्ता, जानें क्यों हुआ एक्शन?


Samajwadi Party: समाजवादी पार्टी (SP) ने पार्टी विरोधी गतिविधियों और विचारधारा के खिलाफ आचरण के आरोप में अपने तीन विधायकों को  पार्टी से बाहर कर दिया है।  विधायकों में अयोध्या की गोसाईगंज सीट से विधायक अभय सिंह, अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह और रायबरेली की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज कुमार पांडेय शामिल हैं। यह कार्रवाई सपा प्रमुख अखिलेश यादव के नेतृत्व में की गई है। जिसे पार्टी के अनुशासन और विचारधारा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


 


पार्टी विरोधी गतिविधियों का आरोप


सपा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि इन विधायकों ने सांप्रदायिक और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने के साथ-साथ किसान, महिला, युवा, कारोबारी और नौकरीपेशा लोगों के खिलाफ नीतियों का समर्थन किया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि ये विधायक ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) विरोधी विचारधारा का समर्थन कर रहे थे। जो सपा की सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक राजनीति के विपरीत है। सपा के आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट में कहा गया। इन लोगों को हृदय परिवर्तन के लिए दी गई समय-सीमा अब पूर्ण हो चुकी है। भविष्य में जन-विरोधी लोगों के लिए पार्टी में कोई स्थान नहीं होगा।


 


राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग का मामला


निष्कासन का मुख्य कारण 2024 के राज्यसभा चुनाव में इन विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग माना जा रहा है। उस दौरान सपा के सात विधायकों ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवारों को वोट दिया था। जिससे सपा का तीसरा उम्मीदवार हार गया। अभय सिंह और मनोज पांडेय ने बाद में भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण कर ली थी। जबकि राकेश प्रताप सिंह भी भाजपा के करीब माने जा रहे थे। सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा “तीनों विधायक लगातार पीडीए के खिलाफ बोल रहे थे। जबकि बाकी के चार विधायकों ने अपनी आस्था दिखाई इसलिए उन पर कार्रवाई नहीं हुई।”


 


सपा का रणनीतिक कदम


राजनीतिकारो का मानना है कि यह कार्रवाई 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सपा की रणनीति का हिस्सा है। अखिलेश यादव ने इस कदम से पार्टी में अनुशासनहीनता के खिलाफ सख्त संदेश दिया है। खबरों के अनुसार सपा अब इन विधायकों की विधानसभा सदस्यता रद्द करने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से संपर्क कर सकती है। जिससे इन सीटों पर उपचुनाव हो सकता है।


 


लेकिन सपा ने यह साफ अपनी तरफ से यह साफ कर दिया है कि वह अपनी विचारधारा और सिद्धांतों पर कोई समझौता नहीं करेगी। यह कार्रवाई अन्य बागी विधायकों के लिए भी चेतावनी है। सपा की इस पहल को समर्थकों ने सराहा है और सोशल मीडिया पर इसे अखिलेश यादव का साहसिक निर्णय बताया जा रहा है।


 

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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