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जिला प्रशासन का ऑपरेशन सफाई; प्रथम चरण में 17 व द्वितीय चरण में 79 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरस्त; एक्शन निरंतर जारी

 जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर दिया गया है। जिसमें प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79  होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है।

जिले में होटल रूप में शहरी धनाडय अमीरों के होमस्टे पर  डीएम ने  कार्रवाई का  डंडा चला दिया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन की मजिस्टेªट टीमों ने अब तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में 136 निरीक्षण करते हुए मानक विपरित संचालित मिले 96 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त करते हुए पर्यटन वेबसाइट से विलोपित की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सफाई शुरू करते हुए प्रथम चरण में 17 तथा द्वितीय चरण में 79  अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरसत कर दिया है तथा आगे भी कार्रवाई गतिमान रहेगी। विगत कई माह से शहर में बढती आपराधिक घटना नशे एवं ओवर स्पीड में वाहन चलाना अदि घटनाएं बढी है। जिसका एक बडे़ कारण में से एक  होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन आदि निकल कर सामने आए है, जहां लाउड डीेजे नशे गैर कानूनी गतिविधि के अड्डे बन रहे होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के ठहरने से आमजन की जान का खतरा बना हुआ है। इसी के मद्देनजर  जिला प्रशासन ने सख्त रूख अख्तियार करते हुए होमस्टे का सत्यापन एवं निरीक्षण किया जा रहा है।  होमस्टे होटल में निर्धारित प्रक्रिया पालन किए बिना पर्यटक एवं उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे है। होमस्टे भी लीज पर संचालित हो रहे है जो जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे है। उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शहर में हुड़दंग मचाने तथा नशे की हालत में ओवर स्पीड, पिस्टल तमचों से फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रही है।

जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार-प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया, जिससे अव्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच हेतु क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया। समितियों द्वारा निरीक्षण उपरांत 96  होमस्टे ऐसे पाए गए जो उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिसे स्वीकार करते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई।

निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। होमस्टे का उपयोग बारात घर एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया तथा इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। विगत निरीक्षण में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी-फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराने सम्बन्धी घटनाएं प्रकाश में आई थी। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
Santosh Singh is an author and news content contributor at Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact Samachar Live team at samacharlive.in@gmail.com
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