HomeUTTARAKHANDऑपरेशन प्रहार में चारधाम यात्रा सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ी भारी

ऑपरेशन प्रहार में चारधाम यात्रा सुरक्षा नियमों की अनदेखी पड़ी भारी

बड़कोट/उत्तरकाशी। चारधाम यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उत्तरकाशी पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। ऑपरेशन प्रहार के तहत बड़कोट पुलिस ने बिना पुलिस को सूचना दिए विदेशी नागरिकों को होटल में ठहराने के मामले में दो होटल संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद होटल, रिसॉर्ट और धर्मशाला संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी कमलेश उपाध्याय के निर्देशन में चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के उद्देश्य से बाहरी व्यक्तियों के सत्यापन तथा होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और आश्रमों की लगातार चेकिंग की जा रही है। इसी अभियान के अंतर्गत बड़कोट पुलिस द्वारा क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि यमुनोत्री धाम के अंतिम पड़ाव जानकीचट्टी स्थित होटल गंगाश्री में 16 अप्रैल 2026 को एक विदेशी नागरिक को बिना पुलिस को सूचना दिए ठहराया गया था। वहीं खरसाली स्थित होली यमुना रिजोर्ट में 19 अप्रैल 2026 को छह विदेशी नागरिकों को बिना पुलिस की जानकारी के ठहराया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की।

पुलिस उपाधीक्षक बड़कोट चंचल शर्मा के निकट पर्यवेक्षण तथा प्रभारी निरीक्षक बड़कोट सुभाष चन्द्र के नेतृत्व में कोतवाली बड़कोट पुलिस ने मामले की गहन छानबीन की। जांच में आरोप सही पाए जाने पर बुधवार, 27 मई 2026 को होटल गंगाश्री तथा होली यमुना रिजोर्ट के संचालक एवं मालिकों के विरुद्ध द इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की सुसंगत धाराओं में दो अलग-अलग अभियोग पंजीकृत किए गए। पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक एवं विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि चारधाम यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि होटल, रेस्टोरेंट, धर्मशाला, होमस्टे और अन्य आवासीय प्रतिष्ठानों की नियमित चेकिंग की जा रही है तथा वहां ठहरने वाले लोगों, पर्यटकों और संदिग्ध व्यक्तियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

उन्होंने सभी होटल एवं धर्मशाला संचालकों से अपील करते हुए कहा कि अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक पर्यटक और तीर्थयात्री का पूरा विवरण एवं पहचान पत्र संबंधी जानकारी सुरक्षित रखें। विशेष रूप से विदेशी नागरिकों के संबंध में फॉर्म-सी भरना और उनकी सूचना स्थानीय पुलिस एवं संबंधित अभिसूचना इकाई को देना अनिवार्य है। बिना पुलिस को सूचना दिए विदेशी नागरिकों को ठहराना नियम विरुद्ध एवं अवैध है।

उल्लेखनीय है कि द इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के प्रावधानों के अनुसार भारत में किसी भी होटल, रिसॉर्ट, गेस्ट हाउस, होमस्टे, शिक्षण संस्थान अथवा चिकित्सालय में विदेशी नागरिकों के ठहरने की सूचना संबंधित संचालक को 24 घंटे के भीतर ऑनलाइन आईवीएफआरटी पोर्टल पर फॉर्म-सी के माध्यम से उपलब्ध करानी अनिवार्य है। इस कानून का उद्देश्य विदेशियों की डिजिटल निगरानी को सुदृढ़ करना, जाली दस्तावेजों पर रोक लगाना तथा राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना है।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
Santosh Singh is an author and news content contributor at Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact Samachar Live team at samacharlive.in@gmail.com
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