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यूपी के हायर एजुकेशन संस्थानों में ड्रग्स के खिलाफ़ बड़ा अभियान शुरू होगा

शुक्रवार को विधानसभा परिसर में राज्य के हायर एजुकेशन मिनिस्टर योगेंद्र उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के हायर एजुकेशन संस्थानों के लिए ड्रग्स के खिलाफ़ एक व्यापक अभियान की रूपरेखा तैयार की गई।

इस बैठक में राज्य भर के विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार और परीक्षा नियंत्रक शामिल हुए

हायर एजुकेशन संस्थानों में ड्रग्स के खिलाफ़ अभियानों को असरदार, टिकाऊ और नतीजे देने वाला बनाने के लिए एक एक्शन प्लान को अंतिम रूप दिया गया।

इन संस्थानों में छात्र हर कामकाजी दिन की शुरुआत में दो मिनट की ड्रग्स-विरोधी शपथ लेंगे। इसके अलावा, ‘रन फॉर ए ड्रग-फ्री इंडिया’ (ड्रग्स-विरोधी दौड़), मैराथन, मार्च, भाषण, निबंध प्रतियोगिताएं, कला प्रतियोगिताएं, नाटक और नुक्कड़ नाटक जैसी जन-जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएंगी।

इस योजना के तहत, शिक्षक हर हफ़्ते अपनी किसी एक क्लास के आखिरी 10 मिनट छात्रों के साथ नशीले पदार्थों के सेवन के बारे में बातचीत और प्रेरणादायक चर्चा में लगाएंगे। छात्रों में सकारात्मक सोच और जीवन मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्रेरणादायक जगहों के लिए शैक्षिक दौरे भी आयोजित किए जाएंगे।

अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार को सुनिश्चित करने के लिए कैंपस और सार्वजनिक जगहों पर होर्डिंग, वॉल पेंटिंग और सोशल मीडिया का इस्तेमाल किया जाएगा, और ज़्यादा से ज़्यादा छात्रों को ‘माई भारत’ पोर्टल से जोड़ा जाएगा।

अभियान की प्रभावी निगरानी के लिए पूरे राज्य को पांच ज़ोन में बांटा गया है। हर ज़ोन के लिए एक वरिष्ठ विभागीय अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। अभियान की नियमित निगरानी विश्वविद्यालय स्तर पर एक वरिष्ठ नोडल अधिकारी, कॉलेज स्तर पर प्रिंसिपल और फैकल्टी स्तर पर एक नामित नोडल अधिकारी द्वारा की जाएगी।

बैठक में नशीले पदार्थों के सेवन पर रोक लगाने के लिए कई कड़े फैसले भी लिए गए। सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के 500 मीटर के दायरे में किसी भी तरह के नशीले पदार्थ की बिक्री पर सख्त रोक लागू की जाएगी।

हॉस्टल, कैंटीन और कैंपस में नियमित निरीक्षण किया जाएगा। ऑनलाइन डिलीवरी या कूरियर सेवाओं के ज़रिए आने वाले सामान की एंट्री गेट पर जांच की जाएगी। नशीले पदार्थों के सेवन की आशंका वाले छात्रों की पहचान की जाएगी और उन्हें काउंसलिंग दी जाएगी; ज़रूरत पड़ने पर उनके माता-पिता को बातचीत के लिए बुलाया जाएगा। ये सभी पहल ‘विकसित भारत – विकसित उत्तर प्रदेश‘ के संकल्प को पूरा करने के लिए की जा रही हैं।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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