HomeUTTAR PRADESH‘हर-हर महादेव’ की गूंज के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, जम्मू से...

‘हर-हर महादेव’ की गूंज के साथ शुरू हुई अमरनाथ यात्रा, जम्मू से भक्तों का पहला जत्था रवाना


Amarnath Yatra 2025: 02जुलाई बुधवार से बाबा अमरनाथ की पवित्र यात्रा की शुरुआत जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से हो चुकी है। इस दौरान श्रद्धालुओं ने ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारे भी लगाए। इस अवसर पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।


बाबा बर्फानी यात्रा की शुरुआत


पवित्र अमरनाथ यात्रा 2025की शुरुआत आज से जम्मू से हो चुकी है। इस दौरान भगवती नगर बेस कैंप में श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर था। मंत्रोच्चार और भक्ति भजनों के बीच तीर्थयात्री बाबा अमरनाथ के दर्शन के लिए उत्साहित दिखे। वहीं, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस अवसर पर सभी तीर्थयात्रियों को शुभकामनाएं दीं और तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने यात्रा की सुरक्षा व सुविधा के लिए प्रशासन की ओर से की गई तैयारियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा ‘यह पवित्र यात्रा आस्था और आत्म-खोज का एक अनुपम अवसर है। मैं बाबा अमरनाथ से सभी के लिए शांति और कल्याण की प्रार्थना करता हूँ।’


प्रशासन की ओर से की गई तैयारियां


अमरनाथ यात्रा की शुरुआत से पहले, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बालटाल और नुनवान बेस कैंप का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया था। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। पहाड़ी रास्तों पर मेडिकल सुविधाएं, ऑक्सीजन की व्यवस्था, और सुरक्षा बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर स्वच्छता और भोजन-पानी की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।


इसके साथ ही यात्रा की सुरक्षा के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), जम्मू-कश्मीर पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। ड्रोन निगरानी और हाई-टेक उपकरणों के साथ संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि खराब मौसम या अन्य आपात स्थितियों के लिए वैकल्पिक योजनाएं तैयार हों।


अमरनाथ यात्रा का महत्व


अमरनाथ यात्रा हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखती है। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग जिले में 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला बर्फ का शिवलिंग भक्तों के लिए आस्था का केंद्र है। यह यात्रा दो मार्गों पहलगाम और बालटाल के माध्यम से पूरी की जाती है। पहलगाम मार्ग 46 किलोमीटर लंबा और अपेक्षाकृत आसान है। जबकि बालटाल मार्ग 14 किलोमीटर का है, लेकिन अधिक चुनौतीपूर्ण है। हर साल लाखों श्रद्धालु इस कठिन यात्रा को पूरा करने के लिए देश-विदेश से आते हैं। इस साल यात्रा 03 जुलाई से आधिकारिक रूप से शुरू होगी। जिसका समापन 29 अगस्त को होगा।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
- Advertisment -spot_img

Must Read