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फरीदाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं की पोल खुली, महिला का शव ठेले पर ले जाने को मजबूर हुआ परिवार


HARYANA NEWS: हरियाणा के फरीदाबाद के बीके सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था को उजागर करने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। अस्पताल में टीबी से पीड़ित 35वर्षीय महिला सुमित्रा की मौत के बाद उसके परिजनों को शव घर ले जाने के लिए कोई सरकारी शव वाहन नहीं मिल सका। मजबूरी में परिवार को महिला के शव को ठेले पर रखकर घर ले जाना पड़ा। यह घटना न केवल अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत को भी सामने लाती है।


मृतका के पति गुनगुन ने बताया कि उनकी पत्नी पिछले तीन महीने से टीबी की बीमारी से जूझ रही थी और उसका इलाज सिविल अस्पताल में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर कई बार उन्हें सफदरजंग और एम्स जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर किया गया, लेकिन कहीं भी सही और समय पर इलाज नहीं मिल पाया। इलाज में परिवार तीन से चार लाख रुपये तक खर्च कर चुका था। जब आर्थिक स्थिति पूरी तरह कमजोर हो गई, तो मजबूरी में सुमित्रा को दोबारा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां बुधवार दोपहर उसकी मौत हो गई। गुनगुन ने बताया कि मौत के बाद डॉक्टरों ने शव घर ले जाने को कहा और अस्पताल में मौजूद लोगों ने एंबुलेंस से ले जाने की बात कही। लेकिन जब वे एंबुलेंस विभाग पर पहुंचे तो बताया गया कि फिलहाल कोई भी सरकारी एंबुलेंस उपलब्ध नहीं है। प्राइवेट एंबुलेंस वालों ने केवल 7किलोमीटर के लिए 500 से 700रुपये मांगे, जो उनके पास नहीं थे। गुनगुन दिहाड़ी मजदूर हैं और उसी ठेले से काम करते हैं, जिस पर उन्होंने मजबूरी में पत्नी का शव रखकर घर ले जाने का फैसला किया। करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल परिसर में इंतजार करने के बाद भी उन्हें कोई सहायता सुविधा नहीं मिली।


एंबुलेंस सेवाओं में शव ले जाने का प्रावधान नहीं है- डिप्टी सिविल सर्जन एमपी सिंह


वहीं इस मामले में सिविल अस्पताल के डिप्टी सिविल सर्जन एमपी सिंह ने कहा कि हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवाओं में शव ले जाने का प्रावधान नहीं है। मृतकों के लिए हर्षवेन या मोर्चरी वैन की व्यवस्था होती है, जो रेड क्रॉस के माध्यम से दी जाती है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद में यह सुविधा उपलब्ध नही है और इसकी मांग कंट्रोल रूम के जरिए की जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी परिजन को शव ठेले पर ले जाना पड़ा है तो मामले की जांच कराई जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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