नई दिल्ली: भारत ने इजरायल-ईरान युद्ध के बीच ईरान से अपने नागरिकों को निकालना शुरू कर दिया है। आज 110 भारतीय छात्रों को भारत वापस लाया जा रहा है। जिसमें जम्मू-कश्मीर के 7 छात्र शामिल हैं, इसका पहला जत्था ईरान के उर्मिया मेडिकल यूनिवर्सिटी से सुरक्षित रूप से आर्मेनिया सीमा पार कर गया। ये छात्र सड़क मार्ग से आर्मेनिया की राजधानी येरेवन पहुंचे और 18 जून को दिल्ली के लिए चार्टर्ड उड़ान से रवाना होंगे।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने 24×7 कंट्रोल रूम और हेल्पलाइन नंबर (+989010144557, +989128109115, +989128109109) स्थापित किए हैं। ईरान में करीब 10,000 भारतीय हैं, जिनमें 6,000 छात्र हैं। 600 छात्रों को तेहरान से क़ोम में स्थानांतरित किया गया है। भारतीय दूतावास ने तेहरान में रहने वाले भारतीयों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
G7 के नेताओं ने जताई चिंता
इन दिनों कनाडा में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इसमें शामिल नेताओं ने एक संयुक्त बयान जारी कर मिडिल ईस्ट संकट पर चिंता जताई है। साथ ही नेताओं ने तनाव कम करने की बात कही। साथ ही उन्होंने कहा कि इजरायल को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। संयुक्त बयान में कहा कि G7 देशों का रुख हमेशा से साफ रहा है कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं कर सकता। इसके अलावा जी7 नेताओं ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।




