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लखनऊ: टीचरों की कमी के विरोध में 300 छात्राओं ने बनाई ह्यूमन चेन, सड़क जाम की

सोमवार को बारिश के बीच जय प्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय की 300 से ज़्यादा छात्राओं ने ह्यूमन चेन बनाई और डुबग्गा-सीतापुर बाईपास को तीन घंटे से ज़्यादा समय तक जाम रखा। वे टीचरों की कमी का विरोध कर रही थीं, जिससे उनकी पढ़ाई पर असर पड़ रहा था। सुबह करीब 7 बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन के कारण डुबग्गा-बालागंज रूट पर लगभग 3 किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।

यह विरोध प्रदर्शन उसी स्कूल के लड़कों के कैंपस के 100 से ज़्यादा छात्रों द्वारा टीचरों की कमी और अन्य मुद्दों पर इसी तरह का प्रदर्शन करने के दो दिन बाद हुआ। लड़कों और लड़कियों के सेक्शन अलग-अलग कैंपस और बिल्डिंग से चलते हैं और इन्हें यूपी समाज कल्याण विभाग चलाता है।

छात्राओं ने कहा कि स्कूल में टीचरों की भारी कमी है, खासकर केमिस्ट्री, फिजिक्स और बायोलॉजी जैसे अहम विषयों के लिए। एक छात्रा ने कहा कि टीचरों की कमी के बावजूद उन्हें दो घंटे की असेंबली में भी शामिल होना पड़ता है।

एक छात्रा ने कहा, “बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने में कुछ ही महीने बचे हैं, ऐसे में टीचरों की कमी का हमारे भविष्य पर बुरा असर पड़ेगा।”

छात्राएं डुबग्गा-सीतापुर बाईपास पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के इंतजाम किए। उन्होंने मांग की कि जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री मौके पर आएं।

बाद में काकोरी के एसपी मौके पर पहुंचे, समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से बात की और उन्हें जल्द से जल्द समस्या का समाधान करने का निर्देश दिया। अधिकारियों द्वारा टीचरों की कमी को दूर करने का भरोसा दिए जाने के बाद छात्राओं ने अपना विरोध प्रदर्शन खत्म किया और स्कूल लौट गईं।

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने X पर एक पोस्ट में कहा कि कोर्ट केस के कारण कुछ टीचर ज्वाइन नहीं कर पाए थे, जिससे पिछले एक महीने से छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी। अरुण ने कहा, “सोमवार को हाई कोर्ट में सुनवाई हुई, जिसमें विभाग ने गेस्ट लेक्चरर और उनकी नियुक्ति पर अपना पक्ष रखा। मुझे भरोसा है कि आने वाले दिनों में गेस्ट लेक्चरर को रखने पर लगी रोक हट जाएगी, जिससे इन स्कूलों में क्लास सुचारू रूप से चल सकेंगी।”

उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट से रोक हटने के बाद विभाग गेस्ट लेक्चरर की भर्ती करने की कोशिश करेगा। पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी X पर यह मुद्दा उठाया और स्कूलों में शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर राज्य सरकार से सवाल किया। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, “2014 में सत्ता में आई BJP सरकार की सबसे बड़ी विफलता यह है कि 14 साल से कम उम्र के बच्चों में अब कोई उम्मीद नहीं बची है। जो लड़कियाँ स्कूल में होनी चाहिए थीं, वे शिक्षकों और बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं। क्या UP में कोई शिक्षा मंत्री है?”

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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