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पेट्रोलियम पदार्थ को लेकर फैलाई जा रही अफवाह को सरकार ने किया खारिज, ईंधन का डेटा रखा सामने


Government Dismisses Rumors Of Oil Crisis: मिडिल-ईस्ट में जारी तनाव के बीच देश में पेट्रोलियम पदार्थ को लेकर दुष्प्रचार फैलाए जा रहे हैं। अब इन दुष्प्रचार को सरकार ने खारिज किया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन दुकानों में पर्याप्त आपूर्ति है।


मंत्रालय ने कहा कि देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कमी नहीं है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे जानबूझकर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं के सुनियोजित अभियान से गुमराह न हों। 


पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं


सरकार की तरफ से कहा गया है कि भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम शोधक और पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150से अधिक देशों को ईंधन की आपूर्ति करता है। पेट्रोल पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी संबंधी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कमी न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए तेल कंपनियों द्वारा पेट्रोल पंपों को दी जाने वाली क्रेडिट अवधि को पहले की एक दिन की अनुमति से बढ़ाकर 3दिन से अधिक करने के लिए भी कदम उठाए गए हैं।


कच्चे तेल को लेकर सरकार का बयान 


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बने तनाव की स्थिति के बावजूद भारत को आज दुनिया भर के अपने 41से अधिक आपूर्तिकर्ता देशों से पहले की तुलना में अधिक कच्चा तेल प्राप्त हो रहा है। भारत की सभी रिफाइनरियां 100प्रतिशत से अधिक क्षमता पर चल रही है। भारतीय तेल कंपनियों ने अगले 60दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति पहले ही सुनिश्चित कर ली है।


एलपीजी की कोई कम नहीं


मंत्रालय की तरफ से कहा गया है कि एलपीजी नियंत्रण आदेश के बाद घरेलू रिफाइनरी उत्पादन में 40प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जिससे दैनिक एलपीजी उत्पादन 50टीएमटी तक पहुंच गया है, जबकि कुल आवश्यकता लगभग 80टीएमटी है। इसके परिणामस्वरूप, शुद्ध दैनिक आयात आवश्यकता घटकर केवल 30टीएमटी रह गई है।  यानी भारत अब आयात की आवश्यकता से कहीं अधिक उत्पादन कर रहा है। घरेलू उत्पादन के अतिरिक्त, अमेरिका, रूस, ऑस्ट्रेलिया और अन्य देशों से 800टीएमटी एलपीजी कार्गो पहले से ही सुरक्षित हैं और भारत के 22एलपीजी आयात टर्मिनलों पर पहुंच रहे हैं।  जो 2014में मौजूद 11टर्मिनलों की तुलना में दोगुने हैं।


लगभग एक महीने की आपूर्ति की पूरी व्यवस्था हो चुकी है और अतिरिक्त खरीद को लगातार अंतिम रूप दिया जा रहा है। तेल कंपनियां प्रतिदिन 50लाख से अधिक सिलेंडर सफलतापूर्वक वितरित कर रही हैं। उपभोक्ताओं द्वारा घबराहट में ऑर्डर देने के कारण सिलेंडर की मांग 89लाख सिलेंडर तक पहुंच गई थी और अब घटकर फिर से 50लाख सिलेंडर रह गई है। जमाखोरी या कालाबाजारी से बचने के लिए राज्य सरकारों से परामर्श करके वाणिज्यिक सिलेंडरों का आवंटन बढ़ाकर 50प्रतिशत कर दिया गया है।


पीएनजी गैस को दिया जा रहा बढ़ावा


राज्य सरकारों के पूर्ण समन्वय से पाइपलाइन द्वारा प्राकृतिक गैस (पीएनजी) को बढ़ावा दिया जा रहा है, क्योंकि यह भारतीय घरों के लिए सस्ती, स्वच्छ और सुरक्षित है। भारत पहले से ही 191 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर की दैनिक आवश्यकता में से 92 प्रतिदिन मिलियन मीट्रिक मानक घन मीटर प्राकृतिक गैस का घरेलू उत्पादन करता है, जिससे भारत एलपीजी की तुलना में पीएनजी पर आयात के मामले में काफी कम निर्भर है। शहरी गैस वितरण क्षेत्र वर्ष 2014 में 57 भौगोलिक क्षेत्रों से बढ़कर आज 300 से अधिक हो गया है। घरेलू पीएनजी कनेक्शन 25 लाख से बढ़कर 1.5 करोड़ से अधिक हो गए हैं।  

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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