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पर्याप्त इलाज न मिलने पर गर्भवती महिला की मौत, जुड़वा बच्चों ने भी दम तोड़ा

पहाड़ी इलाकों की मुश्किल हकीकत और खराब हेल्थकेयर सिस्टम की वजह से एक गर्भवती महिला की जान चली गई। इनोलू गांव की गर्भवती महिला निशा को बचाने की कोशिश में उसके परिवार ने तीन दिन रामनगर, हल्द्वानी और काशीपुर के अस्पतालों के चक्कर काटे। कुछ जगहों पर इलाज की थोड़ी उम्मीद दिखी, तो कहीं सिर्फ देरी का सामना करना पड़ा।

छह अस्पतालों में जाने के बावजूद, न तो निशा को और न ही उसके जुड़वां बच्चों को समय पर मेडिकल केयर मिल पाई। आखिर में, काशीपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में निशा की मौत हो गई। सर्जरी से पैदा हुए जुड़वां बच्चों में से एक पहले ही मृत था, जबकि दूसरे ने कुछ घंटों बाद दम तोड़ दिया।

यह सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं है; यह पहाड़ी और आसपास के इलाकों के हेल्थकेयर सिस्टम की कमियों पर गंभीर सवाल उठाता है ऐसी कमियां जिनकी भारी कीमत मरीजों को अपनी जान देकर चुकानी पड़ती है।

परिवार के मुताबिक, 30 अगस्त की रात निशा (24) को अचानक सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। हालांकि, थोड़ी देर बाद उसे कुछ राहत मिली और परिवार ने इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर दिया, लेकिन 31 अगस्त की सुबह उसकी सांस लेने की दिक्कत और बढ़ गई।

परिवार उसे रामनगर के रामदत्त जोशी सरकारी अस्पताल ले गया। केस की जटिलता को देखते हुए, वहां के मेडिकल स्टाफ ने उसे हल्द्वानी ले जाने की सलाह दी। इसके बाद परिवार निशा को हल्द्वानी के सुशीला तिवारी सरकारी अस्पताल ले गया।

वहां एक प्राइवेट सेंटर पर उसका अल्ट्रासाउंड हुआ। जांच के बाद उसकी हालत स्थिर बताई गई और परिवार को उसे घर ले जाने की सलाह दी गई। इसके बाद वे उसे एक रिश्तेदार के घर ले आए।

गंभीर हालत के बावजूद भर्ती नहीं किया गया

1 सितंबर की रात करीब 9 बजे निशा की हालत फिर बिगड़ गई। सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर परिवार उसे तुरंत वापस सुशीला तिवारी अस्पताल ले गया। परिवार का आरोप है कि उसे भर्ती नहीं किया गया; इसके बजाय, केस की जटिलता और गंभीरता का हवाला देते हुए अस्पताल ने उसे आगे के इलाज के लिए कहीं और रेफर कर दिया।

इसके बाद परिवार उसे एक प्राइवेट अस्पताल ले गया, लेकिन वहां भी इलाज नहीं मिल सका। जब निशा की हालत और बिगड़ने लगी, तो वे उसे काशीपुर ले गए, जहाँ उन्हें तीन अलग-अलग अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़े। लगातार दो दौरों के बाद मौत हो गई।

2 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे निशा को ऑपरेशन थिएटर ले जाया जा रहा था। इसी दौरान उसे लगातार दो दौरे पड़े और उसकी मौत हो गई। इसके बाद, डॉक्टरों ने जुड़वां बच्चों की डिलीवरी के लिए सर्जरी की।

परिवार के अनुसार, एक बच्चा पहले ही मृत था, जबकि दूसरे की कुछ घंटों बाद मौत हो गई। निशा की शादी मनोज से हुई थी, जो कुछ समय पहले ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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