उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को खटीमा के हल्दिघेरा में 7.23 करोड़ रुपये की लागत से बनी नई गौशाला का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने 108.84 करोड़ रुपये की लागत वाली 15 विकास योजनाओं की आधारशिला भी रखी। इनमें सबसे अहम योजना स्टेट हाईवे-70 के 13.60 किलोमीटर हिस्से (सत्रहमील से नानकसागर खंड तक) को 34.44 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड करना है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भविष्य में ज़रूरत के हिसाब से हल्दिघेरा गौशाला का विस्तार किया जाएगा, जिससे ज़्यादा बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित और सम्मानजनक आश्रय मिल सकेगा। उन्होंने इस गौशाला को बेसहारा मवेशियों की सुरक्षा की दिशा में एक बड़ी पहल बताया। सड़कों पर घूमने वाले आवारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय देने से उनकी बेहतर देखभाल सुनिश्चित होगी और किसानों व स्थानीय लोगों को राहत मिलेगी साथ ही सड़कों पर मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘गौ माता’ का विशेष स्थान है। गाय की रक्षा करना सिर्फ़ एक परंपरा नहीं, बल्कि हमारा कर्तव्य, धर्म और ज़िम्मेदारी भी है। ‘देवभूमि’ उत्तराखंड हमेशा से गाय की सुरक्षा और सेवा की परंपराओं को निभाने वाली भूमि रही है। राज्य सरकार बेसहारा मवेशियों की सुरक्षा और कल्याण के लिए लगातार काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि अभी राज्य भर में ‘गौ सदनों’ के ज़रिए 16,000 से ज़्यादा बेसहारा मवेशियों को सुरक्षित आश्रय दिया जा रहा है।
राज्य में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर ‘ग्राम्य गौ सेवक योजना’ भी शुरू की गई है। शहरी विकास और पंचायती राज विभागों के सहयोग से गौशालाओं के निर्माण के लिए राज्य भर में 63 जगहों की पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि गाय की सुरक्षा के साथ-साथ पशुपालन को कृषि अर्थव्यवस्था से जोड़ने की कोशिशें भी की जा रही हैं; देशी ‘बद्री’ गाय से मिलने वाले शुद्ध घी और डेयरी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए खास विकास केंद्र बनाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में, देश की संस्कृति और परंपराओं को बचाने के साथ-साथ पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए अहम कोशिशें की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपनी सांस्कृतिक विरासत और परंपराओं को बचाने के साथ-साथ विकास और जन-कल्याण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि खटीमा समेत पूरे ऊधम सिंह नगर जिले में सड़कों, पुलों, शिक्षा सुविधाओं, बाढ़ से बचाव के उपायों और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को समय पर और अच्छी गुणवत्ता के साथ पूरा करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।


