HomeUTTARAKHANDबच्चों व उनकी भोजन माताओं का स्वस्थ रहना है आवश्यकः-डीएम

बच्चों व उनकी भोजन माताओं का स्वस्थ रहना है आवश्यकः-डीएम

सरकारी स्कूलों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुविधा पर मा0 मुख्यमंत्री का विशेष फोकस है। जिलाधिकारी सविन बसंल ने सभी स्कूलों में मघ्याह्न भोजन की प्रोपर किचन बनाने के स्पष्ट निर्देश हैं। जिलाधिकारी ने जिले में किचन विहीन 42 विद्यालयों में किचन, स्टोररूम निर्माण एवं मरम्मत को प्रथम किस्त के रूप में जिला योजना विशेष फंड से 89 लाख धनराशि जारी की गई है। जिलाधिकारी ने जिले के प्रभारी मंत्री से जिला योजना विशेष फंड का प्राप्त किया अनुमोदन लेते हुए 2 हफ्ते में अपना कमिटमेंट पूर्ण करते हुए धनराशि जारी कर दी है। जिलाधिकारी के स्पष्ट निर्देश हैं कि स्कूली बच्चों एवं उनकी भोजन माताओं का स्वस्थ रहना आवश्यक है, स्कूलों में गुणवत्तायुक्त पौष्टिक मध्याह्न भोजन रहे तथा एल्यूमीनियम के बरतन में खाना बनता न दिखे इसके स्थान पर स्टील के बर्तन का उपयोग किया जाए। डीएम के पिछले माह समीक्षा बैठके दौरान किचन विहीन विद्यालयों की बात उजागर हुई थी, जिस पर डीएम ने त्वरित निर्देश देते हुए विशेष फंड हेतु पत्रावली चलाई थी।

राज्य में प्रथम बार हो रहा है जब अधिक छात्र संख्या वाले 50 स्कूलों में जिला प्रशासन ने की एक लोकल महिला की अतिरिक्त व्यवस्था की जा रही है, यह अतिरिक्त महिला भोजन माता की सहायक रहेगी। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए है कि निर्धारित दर पर लोकल महिला की तैनाती की जाए। जिला प्रशासन देहरादून की यह एक और अभिनव पहल है। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार भी मिलेगा। इसके अलावा जिलाधिकारी ने जीर्णशीर्ण 695 विद्यालयों के किचन मरम्मत को भी जिला प्लान में किया शामिल करने के निर्देश दिए थे।  हिदायत दी कि स्कूल में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता एवं पोषण तत्वों का विशेष ध्यान रखा जाए। कहा कि बच्चों को सुरक्षित, पौष्टिक और सम्पूर्ण आहार उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

जिलाधिकारी ने विगत माह समीक्षा बैठक में स्कूल में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए थे। तथा बच्चों के मध्याह्न भोजन में प्रोटीन, कैलोरी, विटामिन एवं अन्य पोषक तत्व के साथ भोजन को स्वच्छ तरीके से तैयार और परोसा जाए। साथ ही जिलाधिकारी के निर्देश हैं कि मध्याह्न भोजन के लिए एल्यूमीनियम बर्तन बाहर करते हुए स्टील के बर्तन उपयोग में लाए जाए। आयरन और स्टील बर्तन खरीद के लिए निर्देशित किया गया था। शुरूआती चरण/प्रथम किस्त में 42 रा0प्रा0 विद्यालयों में किचन निर्माण एवं दीर्घ मरम्मत हेतु 89 लाख की धनराशि जारी की गई है।

ज्ञातब्य है कि जिले में पीएम पोषण योजना से 1306 विद्यालय आच्छादित है, जिसमें प्राथमिक स्तर पर 41049 छात्र और उच्च प्राथमिक स्तर पर 29618 सहित कुल 70667 छात्र लाभान्वित हो रहे है। जनपद में अक्षय पात्र संस्था द्वारा संचालित केन्द्रीकृत किचन से 638 विद्यालयों में प्रतिदिन प्रति छात्र खाद्यान्न मानक के अनुसार मध्याह्न भोजन की आपूर्ति की जा रही है। राज्य परियोजना कार्यालय से निर्धारित साप्ताहिक मेन्यू के अनुसार बच्चों को प्रोटीन, कैलोरी व सूक्ष्म पोषक तत्व युक्त मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। जनपद के स्कूलों में 2118 भोजन माता कार्यरत है।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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