Sunday, May 24, 2026
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HomeUTTARAKHANDपंजीकरण अनिवार्य, बिना रजिस्ट्रेशन संचालन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

पंजीकरण अनिवार्य, बिना रजिस्ट्रेशन संचालन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

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जनपद उत्तरकाशी में चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच प्रशासन ने होटल एवं होमस्टे संचालकों की समस्याओं के समाधान और पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक अहम पहल की है। जिलाधिकारी उत्तरकाशी के निर्देशों के अनुपालन में शुक्रवार को गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) परिसर में विशेष शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने एक ही मंच पर लंबित प्रकरणों का त्वरित निस्तारण किया।

शिविर में पर्यटन विभाग, खाद्य सुरक्षा, अग्निशमन, विद्युत, जल संस्थान और स्थानीय खुफिया इकाई (LIU) के अधिकारियों ने सक्रिय भागीदारी करते हुए होटल एवं होमस्टे संचालकों की समस्याएं सुनीं और मौके पर ही समाधान किया। जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी, सहायक पर्यटन अधिकारी सीमा शर्मा, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अश्वानी सिंह, अग्निशमन विभाग से इंस्पेक्टर संजीव कुमार, विद्युत विभाग से अधिशासी अभियंता मनोज गुसाईं, एलआईयू से इंस्पेक्टर राजेश बिष्ट और जल संस्थान के अधिकारी रमोला सहित होटल एसोसिएशन अध्यक्ष शैलेंद्र मटूरा एवं अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में शिविर का संचालन हुआ।

शिविर के दौरान होटल और होमस्टे संचालकों ने विद्युत एवं जल कनेक्शन, फायर एनओसी, खाद्य सुरक्षा प्रमाण पत्र, पर्यटन विभाग में पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से जुड़े लंबित मामलों को संबंधित विभागों के समक्ष रखा। विभागीय अधिकारियों ने इन प्रकरणों का गंभीरतापूर्वक परीक्षण करते हुए कई मामलों का मौके पर ही त्वरित और संतोषजनक निस्तारण किया, जबकि शेष मामलों को समयबद्ध तरीके से हल करने का आश्वासन दिया गया।

पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2026 में अब तक 112 होमस्टे और 44 होटल पंजीकृत किए जा चुके हैं, जबकि जनपद में कुल पंजीकृत होमस्टे की संख्या 457 और होटल की संख्या 446 तक पहुंच चुकी है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य होटल पंजीकरण की अनिवार्यता और उससे संबंधित आवश्यक दस्तावेजों के बारे में संचालकों को जागरूक करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पंजीकरण के होटल संचालन करने पर ₹10,000 का चालान तथा इसके बाद ₹1,000 प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रावधान शासनादेश में किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक होटल और होमस्टे का पंजीकरण सुनिश्चित करना है, ताकि गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की कैरिंग कैपेसिटी का सटीक आकलन किया जा सके और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें। इसी क्रम में 24 मार्च को बड़कोट में भी पंजीकरण जागरूकता शिविर आयोजित किया जाएगा, जबकि विभागीय कार्यालयों के माध्यम से भी हितधारकों को हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।

शिविर में फायर, फूड सेफ्टी, एलआईयू और यूपीसीएल के अधिकारियों ने होटल संचालकों को विभागीय नियमों, सुरक्षा मानकों और आवश्यक प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी। इस पहल को होटल एवं होमस्टे संचालकों ने सराहा और इसे प्रशासन और व्यवसायियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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