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चारधाम कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देगी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन ,रेल परियोजना दिसंबर 2028 तक होगी पूरी

मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन एवं अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड, भारत सरकार के मध्य शुक्रवार को ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना सहित विभिन्न रेलवे प्रोजेक्ट्स के संबंध बैठक हुई। बैठक के दौरान बताया गया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाईन परियोजना परियोजना दिसम्बर, 2028 तक पूर्ण की जानी प्रस्तावित है।

मुख्य सचिव ने अध्यक्ष रेलवे बोर्ड से ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल लाईन परियोजना के संबंध में अंतिम सर्वे कर रेलवे बोर्ड को प्रेषित डी०पी०आर स्वीकृत किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने परियोजना को राष्ट्रीय परियोजना के अन्तर्गत सम्मिलित करते हुए शत-प्रतिशत लागत भारत सरकार द्वारा वहन किये जाने के कम में यथाशीघ्र कार्यवाही किये जाने का भी अनुरोध किया गया है।

हरिद्वार-देहरादून दोहरीकरण परियोजना के संबंध में अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड, भारत सरकार द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान में हरिद्वार मोतीचूर-रायवाला दोहरीकरण को स्वीकृति प्रदान की गई है। उक्त परियोजना दो चरणों में की जानी प्रस्तावित है। प्रथम चरण में हरिद्वार-मोतीचूर तक रेल लाईन दोहरीकरण का कार्य किया जायेगा। हरिद्वार-मोतीचूर रेल लाईन दोहरीकरण किये जाने में अतिक्रमण एक गम्भीर समस्या है। मुख्य सचिव ने राज्य सरकार द्वारा उक्त अतिक्रमण हटाये जाने में पूर्ण सहयोग किये जाने हेतु आश्वासित किया गया।

उत्तराखण्ड राज्य द्वारा किये गये अनुरोध के क्रम में अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड, भारत सरकार द्वारा उक्त दोहरीकरण का कार्य देहरादून तक किये जाने हेतु रायवाला से देहरादून तक सर्वे किये जाने के क्रम में डी०आर०एम०, उत्तर रेलवे को निर्देशित किया गया है।

मुख्य सचिव द्वारा रायवाला से देहरादून तक रेल लाईन दोहरीकरण किये जाने का सर्वेक्षण कार्य राज्य सरकार के साथ समन्वय स्थापित करते हुए कुम्भ मेला 2033 से पूर्व किये जाने का अनुरोध किया गया। उक्त के साथ ही रायवाला में रेल लाईन Viaduct बनाये जाने हेतु संबंधित डी०आर०एम० को निर्देशित किये जाने का अनुरोध किया गया जिससे कुम्भ मेला में होने वाली भीड़ को निर्बाध रूप से संचरित किया जा सके।

मुख्य सचिव ने राज्य में निर्माणाधीन समस्त रेल लाईन परियोजनाओं में निर्मित किये जाने वाले सभी Escape Tunnels को Motorable बनाये जाने का अनुरोध भी किया। साथ ही, टनकपुर-बागेश्वर रेल लाईन परियोजना के संबंध में रेलवे बोर्ड को प्रेषित डी०पी०आर स्वीकृत किये जाने हेतु यथाशीघ्र कार्यवाही किये जाने का अनुरोध किया गया।

बैठक के दौरान आरआरटीएस कॉरिडोर मेरठ – ऋषिकेश परियोजना में ऋषिकेश में लक्ष्मण झूला के पास अंतिम बिन्दु वाया हर की पैड़ी, हरिद्वार हेतु 78 किमी0 की लंबाई के संरेखण, जिसकी डी०पी०आर० तैयार की जानी है, की सैद्धान्तिक सहमति के साथ उत्तराखण्ड सरकार की ओर से समन्वय हेतु श्रीमती रीना जोशी, अपर सचिव, उत्तराखण्ड शासन को नोडल अधिकारी नामित किया गया।

अध्यक्ष, रेलवे बोर्ड, भारत सरकार द्वारा अवगत कराया गया कि देहरादून रेलवे स्टेशन को आदर्श स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है। हर्रावाला रेलवे स्टेशन को आगामी 25 वर्षों को मद्येनजर रखते हुए विकसित करने हुए योजना तैयार की जा रही है।

मुख्य सचिव ने यह भी अनुरोध किया कि आगामी कुम्भ मेले में सम्मिलित होने वाली जनता (Footfall) को देखते हुए दीर्घकालिक योजना तैयार की जाए तथा इसके कियान्वयन हेतु Short term and Mid term योजना तैयार की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम एवं सचिव श्री बृजेश कुमार संत एवं अपर सचिव श्रीमती रीना जोशी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
Santosh Singh is an author and news content contributor at Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact Samachar Live team at samacharlive.in@gmail.com
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