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कोई पेपर नहीं, कोई लीक नहीं? AKTU टैबलेट-आधारित परीक्षा प्रणाली का परीक्षण करेगा

पेपर लीक की चिंताओं के बीच, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी (AKTU) जल्द ही यूनिवर्सिटी द्वारा दिए गए टैबलेट का इस्तेमाल करके प्रश्न पत्रों की पेपरलेस डिलीवरी का परीक्षण करेगी। इसमें परीक्षा केंद्रों पर छात्रों के डिवाइस पर ही प्रश्न पत्र सीधे डिक्रिप्ट किए जाएंगे।

यह पायलट प्रोजेक्ट अगले कुछ हफ्तों में ‘सेंटर फॉर एडवांस्ड स्टडीज़’ में ‘कैरी-ओवर परीक्षा’ के दौरान चलाया जाएगा। अगर यह सफल रहा, तो AKTU भविष्य की परीक्षाओं में भी इस सिस्टम को लागू करने की योजना बना रही है।

वाइस-चांसलर प्रो. जे.पी. पांडे ने कहा, “इस पायलट प्रोजेक्ट में प्रश्न पत्र सीधे टैबलेट पर डिक्रिप्ट किए जाएंगे। इससे पेपरलेस डिलीवरी सुनिश्चित होगी और लॉजिस्टिकल चुनौतियां कम होंगी। अगर पायलट सफल रहता है, तो हम भविष्य में यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं के लिए इसे बड़े पैमाने पर लागू कर सकते हैं।”

यह कदम AKTU की परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलाव का हिस्सा है, जिसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना और गड़बड़ियों को रोकना है। नए सिस्टम के तहत, छात्रों को परीक्षा शुरू होने के तय समय से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना होगा। एक अधिकारी ने बताया कि एक बार जब परीक्षा नियंत्रक प्रश्न पत्र को डिक्रिप्ट कर देंगे, तो किसी भी छात्र को अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

केंद्र अधीक्षक को एक डिजिटल हलफनामा भी जमा करना होगा जिसमें यह पुष्टि की जाएगी कि डिक्रिप्शन प्रक्रिया के बाद कोई भी उम्मीदवार केंद्र में दाखिल नहीं हुआ।

अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि ये बदलाव एक घटना के बाद किए जा रहे हैं, जिसमें 21 मई को गाजियाबाद के एक केंद्र पर परीक्षा शुरू होने से पहले ही एक छात्र के पास सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्न पत्र कथित तौर पर पाया गया था।

छात्र करेंगे पोर्टल की सुरक्षा की जांच

एक और टेक्नोलॉजी-केंद्रित पहल में, AKTU हैकाथॉन आयोजित करेगा जिसमें छात्रों को अपने ERP (एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग) और ऑन-स्क्रीन मार्किंग पोर्टल्स की सुरक्षा की जांच करने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। छात्रों से उन कमियों और कमजोर कड़ियों की पहचान करने के लिए कहा जाएगा जिनसे सुरक्षा में सेंध लग सकती है।

पांडे ने कहा कि छात्रों को अपनी क्लासरूम की पढ़ाई और टेक्निकल ट्रेनिंग के साथ-साथ यूनिवर्सिटी के आंतरिक डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हैकाथॉन से पोर्टल्स को मजबूत करने और छात्रों, फैकल्टी और अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए उनके सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।”

यूनिवर्सिटी ने एक ERP पोर्टल अपनाया है, जिसके जरिए पूरे उत्तर प्रदेश के छात्र लखनऊ या नोएडा कैंपस आए बिना अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं और आधिकारिक काम ऑनलाइन पूरा कर सकते हैं।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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