UP News: यूपी के गाजीपुर में 35 साल पुराने पुलिस मारपीट के मामले में अदालत ने अब फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट संजय कुमार लाल की अदालत ने चार रिटायर्ड पुलिसकर्मियों को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही प्रत्येक दोषी पर एक लाख छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
दोषसिद्धि के बाद चारों को जिला जेल भेज दिया गया। पूरा मामला वर्ष 1991 का है। 14 अप्रैल को राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक कुबेरनाथ सिंह के साथ तत्कालीन मरदह थाने की पुलिस ने मारपीट कर घायल कर दिया था।
35 साल बाद आये अदालत के फैसले से जहाँ एक ओर पीड़ित को राहत मिली हैं वहीँ दूसरी तरफ भारतीय न्याय प्रणाली पर भी काफी सवाल उठ रहे हैं।
सोशल मीडिया पर लोग इस फैसला का मीम बना रहे हैं। एक यूजर ने यह लिखा कि पुलिस अधिकारियों को जवानी के मजे लेने के लिए न्यायपालिका ने 35 साल की छूट दे रखी दी, अब बुढ़ापा आराम से कट जायेगा।
तो वहीँ दूसरा यूजर लिखता है कि 35 साल बाद 3 साल की जेल का फैसला और अगले दिन जमानत, भारत में न्यायपालिका नहीं कॉमेडी शो चल रहा है।


