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आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी पर ED का बड़ा एक्शन, 426.46 करोड़ की संपत्ति अटैच

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आज़म खान से जुड़ी जौहर यूनिवर्सिटी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ED ने रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 426.46 करोड़ रुपये की संपत्ति को अस्थायी रूप से अटैच (कुर्क) कर लिया है। इन संपत्तियों की बाजार कीमत लगभग 1,170 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई ‘प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट’ (PMLA), 2002 के तहत की गई है।

ED के अनुसार, यूनिवर्सिटी परिसर में बनी 59 इमारतों के निर्माण की लागत लगभग 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई थी। इसमें 4.63 करोड़ रुपये की जमीन की कीमत को जोड़ने पर कुल लागत 499.09 करोड़ रुपये हो जाती है। जांच एजेंसी का दावा है कि ट्रस्ट द्वारा बताए गए खर्च और कैंपस के बुनियादी ढांचे की अनुमानित लागत के बीच भारी अंतर है। एजेंसी ने बताया कि केवल 72.63 करोड़ रुपये के ही वैध स्रोत का पता चल सका, जबकि बाकी 426.46 करोड़ रुपये के स्रोत की पुष्टि नहीं हो पाई। इसी आधार पर संबंधित संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच कर लिया गया है।

किसानों की जमीन हड़पने के आरोप

ED ने रामपुर के अजीमनगर पुलिस स्टेशन में दर्ज 26 FIR के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। इन मामलों में आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए किसानों की कृषि भूमि को जबरन हड़प लिया गया था। जांच के दौरान, ‘शत्रु संपत्ति’ (enemy property) पर अवैध कब्जे के मामले भी सामने आए हैं।

सरकारी फंड के इस्तेमाल की जांच

ED की जांच में यह आरोप भी लगाया गया है कि सरकारी विकास कार्यों के लिए आवंटित फंड और सामग्री का इस्तेमाल यूनिवर्सिटी कैंपस के निर्माण में किया गया। इसके अलावा, इस जांच में लगभग ₹6.60 करोड़ के आवंटन को शामिल किया गया है जो विधायकों (MLAs) और विधान परिषद सदस्यों (MLCs) के स्थानीय क्षेत्र विकास कोष से लिए गए थे साथ ही इसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत विकास कार्यों के लिए मंजूर की गई धनराशि भी शामिल है। अगस्त 2026 में, ED ने कॉलेज और उससे जुड़े परिसरों में तलाशी अभियान चलाया था। एजेंसी इस मामले से जुड़े वित्तीय लेन-देन और संपत्ति के स्रोतों की जांच कर रही है। संपत्ति की अस्थायी कुर्की (provisional attachment) जांच का ही एक हिस्सा है, जबकि इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि (judicial substantiation) एक अलग प्रक्रिया है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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