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बिलासपुर में बादल फटने से हाहाकार, कई गाड़ियां मलबे में दबी…खेत हुए तबाह; लैंडस्लाइड से 577 सड़कें बंद


Bilaspur Cloudburst: हिमाचल प्रदेश में मॉनसून का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। 13 सितंबर को बिलासपुर जिले के नैनादेवी विधानसभा क्षेत्र के गुतराहन गांव से बादल फटने की घटना सामने आई है। इस आपदा में कई वाहन मलबे के नीचे दब गए, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। साथ ही, खेतों को भारी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा मलबा आने से नम्होल-डाबर सड़क बंद हो गई। जानकारी के अनुसार, राज्य भर में भूस्खलन और भारी बारिश के कारण 577 सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे यातायात और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है।


वाहनों पर मलबे का पहाड़


दरअसल, शुक्रवार तड़के गुतराहन गांव के आसपास बादल फटने से तेज बाढ़ आ गई। इस आपदा में कम-से-कम पांच वाहन मलबे में दब गए, जबकि आसपास के खेतों में लगी फसलें पूरी तरह तबाह हो गईं। जिसके बाद स्थानीय प्रशासन ने तुरंत राहत कार्य शुरू कर दिए हैं। लेकिन भारी बारिश के कारण बचाव अभियान में बाधा आ रही है। वहीं, जिला प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में सतर्कता बरतने की अपील की है।


भूस्खलन का कहर से सड़कें हुई प्रभावित


राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र (एसईओसी) के आंकड़ों की मानें तो भारी बारिश और भूस्खलन के कारण राज्य में कुल 577 सड़कें बंद हो चुकी हैं। इनमें चार राष्ट्रीय राजमार्ग भी शामिल हैं। सबसे अधिक प्रभावित मंडी जिला है, जहां 377 सड़कें अवरुद्ध हैं, उसके बाद कुल्लू में 90 सड़कें। अन्य जिलों में भी सैकड़ों सड़कें बंद होने से ग्रामीण क्षेत्रों का शहरों से संपर्क कट गया है। इसके अलावा बाढ़ और भूस्खलन से 953 बिजली ट्रांसफार्मर और 336 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हो चुकी हैं। कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, जबकि पर्यटक क्षेत्रों में यातायात पूरी तरह ठप हो गया है।


4,465 करोड़ का आर्थिक नुकसान


मालूम हो कि जून 20 से शुरू हुए मॉनसून में अब तक राज्य को भारी नुकसान हुआ है। एसईओसी के अनुसार, 386 लोग वर्षा संबंधी घटनाओं और सड़क हादसों में मारे गए हैं, जिनमें से 218 की मौत भूस्खलन, बादल फटने, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुई। 41 लोग अभी भी लापता हैं। आर्थिक नुकसान का आंकड़ा 4,465 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जिसमें 6,025 घरों और 455 दुकानों/कारखानों को नुकसान शामिल है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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