HomeUTTAR PRADESHचुनाव नतीजों पर तेज प्रताप यादव का बड़ा संदेश, कहा

चुनाव नतीजों पर तेज प्रताप यादव का बड़ा संदेश, कहा


Tej Pratap Yadav Statement On Bihar Election Result 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025के नतीजों के चार दिन बाद मंगलवार को जनशक्ति जनता दल (जेजेडी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने अपनी पार्टी की बुरी हार स्वीकार करते हुए एक वीडियो संदेश जारी किया। महुआ सीट से तीसरे नंबर पर रहने और पूरे गठबंधन को एक भी सीट न मिलने के बावजूद उन्होंने संयम का परिचय देते हुए कहा ‘जीवन में हार-जीत लगी रहती है, कुर्सी किसी की बपौती नहीं है।’ यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है, जहां कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ यह परिवारिक कलह और राजनीतिक विभाजन पर भी सवाल खड़े कर रहा है।


चुनावी हार के बाद तेज प्रताप ने क्या कहा?


प्रेस कॉन्फ्रेंस या औपचारिक बयान के बजाय जारी वीडियो में तेज प्रताप ने कार्यकर्ताओं से कहा कि हार से निराश न हों। ‘हमने ईमानदारी से प्रयास किया, लेकिन जनता का फैसला सर्वोपरि है। कुर्सी का मोह छोड़कर अब विकास पर फोकस करेंगे।’ वीडियो में वे भावुक नजर आए, लेकिन परिवार पर कोई प्रत्यक्ष टिप्पणी नहीं की।


एक अन्य पोस्ट में तेज प्रताप ने लिखा ‘हमारी हार में भी जनता की जीत है। बिहार ने संदेश दिया कि राजनीति परिवारवाद की नहीं, सुशासन की होगी।’ यह बयान आरजेडी विधायक दल में तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष चुने जाने के एक दिन बाद आया, जहां लालू-राबड़ी की असहमति की खबरें थीं। कुछ विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान परिवारिक सुलह की कोशिश हो सकती है, जबकि अन्य इसे राजनीतिक रणनीति बता रहे हैं। 


क्योंकि चुनाव से पहले तेज प्रताप ने तेजस्वी पर कई बार निशाना साधा था। उन्होंने तेजस्वी को ‘फेलस्वी’ और आरजेडी को ‘जयचंदों की पार्टी’ करार दिया और कांग्रेस को बिहार से खत्म होने की भविष्यवाणी की, जो नतीजों में सही साबित हुई। चुनाव प्रचार में दोनों भाइयों के हेलीकॉप्टर आमने-सामने आने की घटना ने परिवारिक कलह को उजागर किया। तेज प्रताप ने तब कहा था ‘तेजस्वी जयचंदों का गुलाम है।’ लेकिन हार के बाद उनके बयान में नरमी आई।


जेजेडी का खाता भी नहीं खुला


बिहार विधानसभा की 243 सीटों पर 14 नवंबर को घोषित नतीजों में एनडीए ने प्रचंड बहुमत हासिल किया, जबकि महागठबंधन को महज 25 सीटें मिलीं। तेज प्रताप की जेजेडी को एक भी सीट नहीं मिली। महुआ में तेज प्रताप को 35,703 वोट मिले, जो लोजपा (आरवी) के संजय सिंह (87,641 वोट) और आरजेडी के मुकेश कुमार रौशन (42,644 वोट) से कम थे। यह हार परिवारिक विभाजन का प्रतीक बनी, क्योंकि तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी बनाकर छोटे भाई तेजस्वी यादव की आरजेडी के खिलाफ बगावत की थी। 

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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