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गुरुग्राम में काल बनी बरसात, आफत बनी बारिश ने ली कई लोगों की जान


HARYANA NEWS: हरियाणा के गुरुग्राम जिसे सपनों की नगरी कहा जाता है,अब मौत की नगरी बन गई है। मानसून की पहली ही बारिश ने इस चमकते शहर की बदहाल तस्वीर उजागर कर दी है। जिन सड़कों पर गाड़ियां फर्राटा भरती थीं, आज वे मौत का कुआं बन चुकी हैं। पहला हादसा कल शाम उसे वक्त हुआ जब एक ग्राफिक डिजाइनर जिम से लौट रहा था इस दौरान बारिश के बाद सड़क पर जल भराव हो गया और बिजली का खंबा नजदीक होने के चलते पानी में करंट दौड़ पड़ा। इसी करंट की ज़द में ग्राफिक डिजाइनर आ गया और उसकी दर्दनाक मौत हो गई।


दूसरी घटना सेक्टर 18 में हुई जहां पवन नामक युवक जो डिलीवरी बॉय का काम करता था वो रेस्टोरेंट में खाना लेने के लिए जा रहा था। इसी दौरान वहां सड़क पर हुए जलभराव में करंट आ गया और वह कई देर तक तड़पता रहा जिसके बाद उसने दम तोड़ दिया।इन हादसों में होनहार युवाओ की जिंदगी चंद मिनटों में खत्म हो गई, क्योंकि सड़कों पर जमा पानी बिजली के तारों के संपर्क में आ गया था। दो अन्य मामलों में भी करंट लगने से 2 व्यक्तियों की मौत की खबर सामने आई है।


वहीं गुरुग्राम के घामदोज गांव में बने एक तालाब में नहाने गए तीन नाबालिग आशीष, देवेंद्र और सुरजीत हादसे का शिकार हो गए। तीनों नाबालिक पानी की गहराई का अंदाजा ना लगा पाने के कारण तीनों डूब गए। यह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि प्रशासन की लापरवाही का जीता-जागता सबूत है।


ऑटो चालक की हुई मौत


सदर थाना क्षेत्र में एक ओर दर्दनाक घटना हुई।जहां जलभराव के कारण सड़क पर बने एक गहरे गड्ढे में यूपी का रहने वाला ऑटो चालक गिर गया। पानी से भरे गड्ढे में दम घुटने से उसकी मौत हो गई। ऑटो यूनियन का आरोप है कि यह हादसा नगर निगम की घोर लापरवाही का नतीजा है।


भीषण सड़क हादसे 1 की मौत


गुरूग्राम में सेक्टर-37 में भी जलभराव के कारण एक भीषण सड़क दुर्घटना हुई, जिसमें एयरपोर्ट के सिक्योरिटी स्टाफ की एक सदस्य की मौत हो गई। ये हादसे दर्शाते हैं कि अधिकारियों की लापरवाही है कि वे सड़कों को जानलेवा गड्ढों और खुले सीवरों से भरा रहने देते हैं।


बारिश ने ली 9 लोगों की जान


गुरुग्राम में पिछले 24 घंटों में 9 लोगों की जान जा चुकी है। ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं हैं, बल्कि परिवारों का उजड़ना, सपनों का टूटना और एक सिस्टम की नाकामी का परिचय हैं। आखिर कब तक गुरुग्राम के नागरिक इस तरह प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा भुगतते रहेंगे? क्या इन मौतों के लिए किसी को जवाबदेह ठहराया जाएगा? या फिर अगले साल की बारिश में फिर यही मंजर देखने को मिलेगा? यह सवाल गुरुग्राम के हर नागरिक के मन में है।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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