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गुरमीत राम रहीम को मिल रहा एक के बाद एक पेरोल, 8 साल की सजा में 387 दिन रहे बाहर


Ram Rahim Parole: सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर 40 दिन की पैरोल दी गई है। ये उनकी गिरफ्तारी और सजा के बाद 15वीं अस्थायी रिहाई है। रोहतक के डिविजनल कमिश्नर ने इस पैरोल को मंजूरी दी है। फिलहाल रोहतक की सुनारिया हाई-सिक्योरिटी जेल में बंद राम रहीम को जल्द ही जेल से बाहर छोड़ा जाएगा। पैरोल के दौरान वे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय में ही रहेंगे।


20 साल की मिली थी सजा


गुरमीत राम रहीम सिंह को साल 2017 में दो महिला शिष्यों के साथ बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उन्हें 20 साल की सजा सुनाई गई। इसके अलावा सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में भी उन्हें उम्रकैद की सजा मिली हुई है। इन दोनों मामलों में वे लगातार जेल में सजा काट रहे हैं।


एक साल से ज्यादा समय तक बाहर रहे राम रहीम


यह पैरोल ऐसे समय दी गई है, जब कुछ ही महीने पहले अगस्त में भी राम रहीम को 40 दिन की पैरोल मिली थी। उस समय यह पैरोल उनके 58वें जन्मदिन से पहले दी गई थी, जो 15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस के दिन आता है। रिकॉर्ड के अनुसार, 25 अगस्त 2017 को बलात्कार मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद से राम रहीम अब तक एक साल से ज्यादा समय जेल से बाहर बिता चुके हैं।


14 बार मिल चुका पैरोल


बीते 8 सालों में राम रहीम को कुल 14 बार पैरोल या फरलो के जरिए अस्थायी रिहाई मिल चुकी है। हालिया रिहाइयों की बात करें तो जनवरी 2025 में दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले उन्हें 30 दिन की पैरोल दी गई थी। अप्रैल 2025 में डेरा सच्चा सौदा के स्थापना दिवस के आसपास 21 दिन की फरलो मिली थी। इससे पहले अक्टूबर 2024 में हरियाणा विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 20 दिन की पैरोल और अगस्त 2024 में 21 दिन की फरलो दी गई थी।


2022 में कानून बदला गया


फरवरी, 2022 में हरियाणा सरकार द्वारा पैरोल कानून में संशोधन किए जाने के बाद से राम रहीम का जेल से बाहर बिताया गया कुल समय 387 दिनों से ज्यादा हो जाएगा, जिसमें मौजूदा 40 दिन की पैरोल भी शामिल है। पहले हरियाणा गुड कंडक्ट प्रिजनर्स एक्ट, 1988 के तहत पैरोल केवल विशेष परिस्थितियों में ही दी जाती थी। हालांकि, साल 2022 में कानून बदला गया। विपक्ष और आलोचकों का आरोप है कि यह बदलाव खासतौर पर राम रहीम को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया। वहीं, हरियाणा सरकार का कहना है कि नए कानून का मकसद प्रक्रिया को सरल बनाना और अच्छे आचरण के आधार पर पैरोल देना है। 

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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