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ओला, उबर और रैपिडो पर कैब मिलना मुश्किल! अपनी मांगों को लेकर टैक्सी ड्राइवरों की हड़ताल


Taxi Driver Strike:अगर आप भी ओला, उबर और रैपिडो की सवारी करते हैं तो 7 फरवरी को जरा सोच समझकर घर से निकलें। 7 फरवरी को पूरे देश में टैक्सी सेवा दे रहे ड्राइवरों ने हड़ताल की है। ड्राइवरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल की है। यह हड़ताल कम होती आय और बढ़ते शोषण के खिलाफ की जा रही है।


हड़ताल का आयोजन तेलंगाना गिग एंड प्लेटफॉर्म वर्कर्स यूनियन और इंडियन फेडरेशन ऑफ ऐप-बेस्ड ट्रांसपोर्ट वर्कर्स कर रहे हैं। दोनों यूनियन अपनी मागों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं।


क्या है ड्राइवरों की मांग


यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकारें अब तक न्यूनतम बेस किराया तय नहीं कर पाई है, जबकि यह मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस 2025 में दर्शाया गया है। इसी वजह से ऐप आधारित कंपनियां अपनी मर्जी से किराए कम कर देती है। जिसके कारण ड्राइवरों की कमाई घट रही है। TGPWU के अध्यक्ष शैक सालाहुद्दीन ने कहा कि सरकार की लापरवाही के कारण कंपनियां मनमाने ढंग से किराया तय करने की खुली छूट मिल गई है। इससे पहले 31 दिसंबर 2025 को भी डिलीवरी वर्कर्स ने हड़ताल की थी। उनका कहना था कि घंटों काम करने के बाद भी उन्हें बहुत कम पैसे मिलते हैं।  


मुंबई में भी हड़ताल


महाराष्ट्र कामगार सभा से जुड़े ऐप टैक्सी और ऑटो चालक भी 7 फरवरी को एक दिन की हड़ताल का ऐलान किया है। अवैध बाइक टैक्सी सेवाओं पर रोक, ऐप कंपनियों की मनमानी किराया नीति पर कार्रवाई और पैनिक बटन से जुड़ी दिक्कतों का समाधान उनकी मांगें हैं। ड्राइवरों का कहना है कि पैनिक बटन लगाने के लिए उन पर अतिरिक्त खर्च डाल दिया गया है। केंद्र सरकार ने 140 कंपनियों को मंजूरी दी है लेकिन, राज्य सरकार ने उनमें करीब 70 फीसदी को अनधिकृत बता दिया है। 

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
Santosh Singh is an author and news content contributor at Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact Samachar Live team at samacharlive.in@gmail.com
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