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उम्रकैद की सजा के बीच आसाराम को राहत, गुजरात हाई कोर्ट का नया आदेश


Asaram Bail Extends: गुजरात हाई कोर्ट ने बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे स्वयंभू संत आसाराम बापू को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि को 30जून से बढ़ाकर 7जुलाई तक कर दिया है। कोर्ट ने यह फैसला आसाराम की सेहत को देखते हुए लिया है। क्योंकि आसाराम की ओर से पेश मेडिकल रिपोर्ट्स में उनकी गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का हवाला दिया गया था।


गुजरात हाई कोर्ट का फैसला


दरअसल, 24जून को गुजरात हाई कोर्ट ने आसाराम की याचिका पर सुनवाई की। जिसमें उन्होंने अपनी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की मांग की थी। उनकी ओर से पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया कि 86वर्षीय आसाराम को हृदय रोग, प्रोस्टेट की समस्या और अन्य उम्र-संबंधी बीमारियों के लिए उपचार की जरूरत है।


वहीं, आज की सुनवाई में जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस पी.एम. के नेतृत्व में गुजरात हाई कोर्ट ने उनकी जमानत को 7जुलाई तक बढ़ाने का आदेश दिया। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि आसाराम को सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा, जिसमें अनुयायियों से मिलने, प्रवचन देने या मीडिया से बात करने पर रोक शामिल है। इसके अलावा उनकी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तीन पुलिसकर्मी उनके साथ रहेंगे।


बता दें, कोर्ट ने पहले 28मार्च को तीन महीने की अंतरिम जमानत दी थी, जब जस्टिस इलेश जे. वोरा और जस्टिस संदीप एन. भट्ट की खंडपीठ में अलग-अलग राय सामने आई थी। जस्टिस वोरा ने जमानत के पक्ष में फैसला दिया था, जबकि जस्टिस भट्ट ने इसे खारिज करने की राय दी थी। इसके बाद मामला चीफ जस्टिस को स्थानांतरित किया गया, जिन्होंने 30जून तक जमानत मंजूर की थी।


किन आरोपों में जेल में बंद है आसाराम?


मालूम हो कि आसाराम बापू पर साल 2013 में गुजरात के सूरत और राजस्थान के जोधपुर में बलात्कार के दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए थे। सूरत के मामले में उनकी एक महिला शिष्या ने 2001 से 2006 के बीच बार-बार बलात्कार का आरोप लगाया था। जनवरी 2023 में गांधीनगर की सत्र अदालत ने उन्हें इस मामले में दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। जबकि जोधपुर के मामले में 2018 में एक नाबालिग छात्रा से यौन शोषण के आरोप में उन्हें उम्रकैद की सजा दी गई थी। दोनों मामलों में आसाराम को दोषी ठहराया गया। जिसके बाद से आसाराम जोधपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे थे।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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