HomeUTTAR PRADESH‘इसका श्रेय मिलेगा और न ही नोबेल शांति पुरस्कार’ ट्रंप का दर्द...

‘इसका श्रेय मिलेगा और न ही नोबेल शांति पुरस्कार’ ट्रंप का दर्द आया समाने


नई दिल्ली: नोबेल शांति पुरस्कारलेकर को लेकर एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दर्द समाने आया है। टंप ने दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध को रुकवान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन उन्हें न तो इसका श्रेय मिलेगा और न ही नोबेल शांति पुरस्कार।


ट्रंप ने अपनी पोस्ट में छह बार नोबेल पुरस्कार का जिक्र किया, जिसमें भारत-पाकिस्तान के अलावा रवांडा-कॉन्गो, सर्बिया-कोसोवो, मिस्र-इथियोपिया, मध्य पूर्व, रूस-यूक्रेन, और इजरायल-ईरान जैसे संघर्षों में शांति स्थापित करने के अपने प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें नोबेल पुरस्कार नहीं मिलेगा।हालांकि, भारत ने ट्रंप के मध्यस्थता के दावे को खारिज किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि मई 2025में हुए सीजफायर में अमेरिका की कोई भूमिका नहीं थी, और यह भारत-पाकिस्तान की सेनाओं के बीच द्विपक्षीय बातचीत का परिणाम था।दूसरी ओर, पाकिस्तान ने ट्रंप की सराहना की और उनकी कूटनीतिक पहल के लिए उन्हें 2026के नोबेल शांति पुरस्कार के लिए नामित किया। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर ने दावा किया कि ट्रंप के हस्तक्षेप से परमाणु युद्ध टला।


ट्रंप ने किया था बड़ा दावा


ट्रंप ने दावा किया था कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच परमाणु युद्ध को रोका, लेकिन बाद में अपने बयान से पलट गए, कहते हुए कि उन्होंने केवल बातचीत शुरू करने में मदद की, मध्यस्थता नहीं। ट्रंप का यह बयान उनके नोबेल पुरस्कार की चाहत और भारत-पाक सीजफायर में श्रेय न मिलने की निराशा को दर्शाता है।


 

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
- Advertisment -spot_img

Must Read