HomeUTTAR PRADESHआटा चक्की से लेकर लैब से केमिकल चोरी तक, दिल्ली ब्लास्ट केस...

आटा चक्की से लेकर लैब से केमिकल चोरी तक, दिल्ली ब्लास्ट केस में हुआ बड़ा खुलासा


Delhi Blast Case Update: दिल्ली के ऐतिहासिक रेड फोर्ट के पास 10नवंबर को हुए कार ब्लास्ट ने पूरे देश को हिला दिया। इस विस्फोट में कम से कम 10से 15लोगों की मौत हुई और 20से ज्यादा घायल हुए। जांच एजेंसियों ने इसे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा बताया है, जिसमें फरीदाबाद के डॉक्टर शामिल थे। पाकिस्तान बेस्ड हैंडलर ने आरोपी डॉक्टरों को बम बनाने के 42वीडियो भेजे थे, जबकि विस्फोटकों को तैयार करने के लिए घरेलू आटा चक्की का इस्तेमाल किया गया। केमिकल्स की खरीद और टेस्टिंग घरेलू लैब में हुई, जो फर्टिलाइजर से प्राप्त किए गए थे।


JeM मॉड्यूल की योजना


मुख्य आरोपी डॉ. उमर नबी हैं, जो फरीदाबाद के अल-फलाह यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर थे। ब्लास्ट वाले दिन वही कार चला रहा है और उसी दौरान उसकी मौत हो गई, जिसकी पुष्टि डीएनए टेस्ट से हुई। उमर जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवत-उल-हिंद से जुड़े थे। उनके साथी डॉ. मुजम्मिल शकील गनाई (पुलवामा से) और डॉ. अदील अहमद राथर (काजीगुंड से) गिरफ्तार हैं। ये सभी डॉक्टर थे और टेलीग्राम पर रेडिकल ग्रुप में सक्रिय थे।


मॉड्यूल की योजना 2023से चल रही थी, जिसमें रेकी और विस्फोटकों का संग्रह शामिल था। पाकिस्तान बेस्ड हैंडलर ‘हंजुल्लाह’ ने मुजम्मिल को एन्क्रिप्टेड ऐप्स पर 42बम बनाने के वीडियो भेजे। अन्य हैंडलर ‘निसार’, ‘उकासा’, ‘फैसल’ और ‘हाशिम’ भी शामिल थे, जो तुर्की और पाकिस्तान से ऑपरेट कर रहे थे। ये हैंडलर रेडिकलाइजेशन और DIY IED बनाने की ट्रेनिंग देते थे। मॉड्यूल में डॉक्टरों का एक ‘व्हाइट कॉलर’ नेटवर्क था, जो अस्पतालों को हथियार स्टोर बनाने की योजना बना रहा था। 


केमिकल चोरी और लैब की भूमिका


विस्फोटकों के लिए अमोनियम नाइट्रेट, यूरिया और अन्य केमिकल्स का इस्तेमाल किया गया, जो फर्टिलाइजर से प्राप्त किए गए। जांच में पता चला कि ये केमिकल्स नियंत्रित पदार्थ हैं, लेकिन मॉड्यूल ने इन्हें खरीदा और प्रोसेस किया। डॉ. उमर ने अपने फरीदाबाद स्थित घर में एक छोटी लैब बनाई थी, जहां वे केमिकल्स की टेस्टिंग करते थे और IED असेंबल करते थे। पाकिस्तानी हैंडलर्स के वीडियो के आधार पर यहां ट्रिगर मैकेनिज्म और विस्फोटकों की पोटेंसी टेस्ट की जाती थी। रेड्स में 2900 किलो से ज्यादा विस्फोटक बरामद हुए, जिसमें 350-360 किलो अमोनियम नाइट्रेट शामिल था। हालांकि, स्पष्ट चोरी का उल्लेख नहीं है, लेकिन जांच में यह सवाल उठा कि इतनी मात्रा कैसे हासिल की गई। Rs 20 लाख का फंड ट्रेल मिला, जिसमें Rs 3 लाख फर्टिलाइजर पर खर्च हुए, जो हवाला से आए।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
- Advertisment -spot_img

Must Read