नई दिल्ली, 3 दिसंबर: दिल्ली उच्च न्यायालय ने शीर्ष पहलवान बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और सत्यव्रत कादियान द्वारा भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के दिसंबर 2023 के चुनावों को चुनौती देने वाली याचिकाएं खारिज कर दी हैं, क्योंकि वे कई तारीखों पर अदालत में पेश होने में विफल रहे थे। उस समय संजय सिंह तीन ओलंपियनों द्वारा समर्थित उम्मीदवार अनीता श्योराण को हराकर अध्यक्ष बने थे। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने 27 नवंबर को मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि जब मामले उठाए गए तो कोई भी याचिकाकर्ता उपस्थित नहीं था, और दर्ज किया कि वे पिछली दो सुनवाई के दौरान भी अनुपस्थित रहे थे। अदालत ने अपने आदेश में कहा, ''याचिकाकर्ताओं को वर्तमान मामलों पर मुकदमा चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।'' पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई चुनाव निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से नहीं कराए जाने का आरोप लगाते हुए उच्च न्यायालय का रुख किया था। उनकी याचिका में चुनाव प्रक्रिया में प्रक्रियात्मक खामियां और अनियमितताओं का दावा करने के खिलाफ हस्तक्षेप की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं की ओर से लगातार गैर-उपस्थिति के कारण, अदालत ने डिफ़ॉल्ट रूप से और गैर-अभियोजन पक्ष की याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिससे डब्ल्यूएफआई चुनावों के खिलाफ कानूनी चुनौती समाप्त हो गई।
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