HomeHEALTHअस्पताल में भर्ती होने से पहले जान लें आयुष्मान भारत योजना का...

अस्पताल में भर्ती होने से पहले जान लें आयुष्मान भारत योजना का ये नियम

भारत सरकार की आयुष्मान भारत योजना बीमारी के दौरान ज़रूरतमंदों के लिए एक बड़ी मदद है। इसकी एक गाइडलाइन दिक्कतें पैदा कर रही है। डिस्चार्ज के बाद अगर मरीज़ों की हालत बिगड़ती है तो उन्हें दोबारा भर्ती नहीं किया जा सकता। इसके लिए उन्हें 15 दिन इंतज़ार करना पड़ता है, जिसके लिए नया प्रोसेस करना पड़ता है। IMA ने भी बदलाव की मांग की है।

जिले में आयुष्मान भारत योजना के तहत 102 अस्पताल रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 80 प्राइवेट और 22 सरकारी अस्पताल हैं। अब तक 1.69 लाख मरीज़ों को इसका फ़ायदा मिल चुका है। आयुष्मान योजना के तहत डिस्चार्ज के बाद कई मरीज़ों को दोबारा भर्ती होने में दिक्कतें आती हैं। अगर वे भर्ती भी हो जाते हैं, तो उन्हें खर्च खुद उठाना पड़ता है।

कासगंज के रहने वाले कमलेश ने बताया कि उनकी सास की आगरा में कैंसर की सर्जरी हुई थी। उन्हें कहा गया था कि डिस्चार्ज के बाद कोई दिक्कत होने पर दो हफ़्ते बाद दोबारा अप्लाई करें। 15 दिन की रोक से चीज़ें आसान हो जाएंगी।

रामबाग के रहने वाले ओम प्रकाश ने बताया कि हड्डी की सर्जरी के बाद उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया था। कुछ दिनों बाद जब उन्हें तकलीफ़ हुई, तो उन्हें फ़िज़ियोथेरेपी दी गई। उन्हें बताया गया कि इसमें ₹1,000 लगेंगे। उन्हें घर पर ही फ़िज़ियोथेरेपी करवानी पड़ी।

फ़ॉलो-अप दिया जाता है, दो हफ़्ते बाद फिर से अप्लाई करना होगा

CMO डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि अगर किसी मरीज़ को डिस्चार्ज के बाद तकलीफ़ होती है, तो वे फ़ॉलो-अप देते हैं। डिस्चार्ज के 15 दिन बाद एक नई फ़ाइल बनाई जाएगी और उन्हें भर्ती किया जा सकता है। अगर इस दौरान दिक्कत और बिगड़ती है, तो वे दूसरे अस्पताल में इलाज करवा सकते हैं।

दूसरे अस्पताल में इलाज करवाने की कोई ज़रूरत नहीं

IMA प्रेसिडेंट डॉ. पंकज नगाइच ने बताया कि मरीज़ को डिस्चार्ज के 15 दिन बाद भर्ती किया जा सकता है। इस दौरान, उन्हें संबंधित बीमारी के इलाज के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती किया जा सकता है। वे सरकार को लेटर लिखकर इस टाइम लिमिट को हटाने की रिक्वेस्ट करेंगे।

जिले में आयुष्मान भारत की ये है स्थिति:

3,18239: लाभार्थी परिवार।

2,71926: परिवारों के कार्ड बने।

1,69642: लाभार्थियों हुए रेफरल।

71,774: बुजुर्गें (70 से अधिक आयु) के बने कार्ड

102: अस्पताल हैं पंजीकृत

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
- Advertisment -spot_img

Must Read