लखनऊ: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) अप्रैल 2027 तक अपने 500-बेड वाले ट्रॉमा-2 सेंटर को चालू करने की योजना बना रही है। वाइस-चांसलर प्रो. सोनिया नित्यानंद ने सोमवार को बताया कि यह सुविधा ₹275 करोड़ की लागत से बनाई जा रही है।
KGMU इस सेंटर के लिए लगभग 1,750 डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिक्स और अन्य कर्मचारियों की भर्ती के लिए मंज़ूरी मांगेगी। उम्मीद है कि इससे मौजूदा 494-बेड वाले ट्रॉमा-1 पर दबाव कम होगा, जहाँ अक्सर 500 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि कभी-कभी बेड की कमी के कारण 100 से ज़्यादा मरीज़ों का इलाज स्ट्रेचर पर करना पड़ता है।
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने कहा कि ट्रॉमा-2 से सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों और गंभीर रूप से घायल अन्य मरीज़ों को संभालने की यूनिवर्सिटी की क्षमता बढ़ेगी, साथ ही बेड की कमी और स्ट्रेचर पर इलाज की ज़रूरत भी कम होगी।
मरीज़ों के लिए AI चैटबॉट
KGMU एक AI चैटबॉट लॉन्च करने की भी तैयारी कर रही है ताकि मरीज़ों को विभागों, डॉक्टरों, OPD के समय और अस्पताल की सुविधाओं के बारे में जानकारी मिल सके। इसमें अपॉइंटमेंट बुकिंग की सुविधा भी जोड़ी जा सकती है।
नित्यानंद ने कहा कि मरीज़ अपने मोबाइल फ़ोन, KGMU की वेबसाइट और अस्पताल के ऐप के ज़रिए जानकारी हासिल कर सकेंगे, जिससे कैंपस में बेवजह की आवाजाही और भीड़ कम करने में मदद मिलेगी।
4,000-बेड वाले इस अस्पताल में रोज़ाना लगभग 7,000-8,000 OPD मरीज़ आते हैं, जिससे मरीज़ों का भारी दबाव रहता है और मरीज़ों व उनके साथ आए लोगों के लिए विभागों और सेवाओं का पता लगाना मुश्किल हो जाता है।


