अयोध्या के मणिरामदास छावनी में हो रही श्री राम ट्रस्ट की मीटिंग में ट्रस्ट के नए पदाधिकारियों का ऐलान किया गया। ट्रस्ट में तीन नए सदस्य शामिल किए गए हैं। नए शामिल किए गए सदस्यों में अयोध्या से मदन मोहन पांडे, दिल्ली से महेश भागचंदका और अयोध्या से निर्मला यादव शामिल हैं। अंतरिम जनरल सेक्रेटरी डॉ. कृष्ण मोहन, ट्रेजरर गोविंद देवगिरी, ट्रस्टी महंत दिनेंद्र दास, शंकराचार्य वासुदेवानंद सरस्वती और दूसरे ट्रस्टी शामिल हैं। मीटिंग को लेकर अयोध्या में पहले से ही चर्चा थी।
मीटिंग में राम मंदिर के लिए पहले चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) के चुनाव पर विचार-विमर्श हो रहा है। CEO चुनने के लिए बनी तीन सदस्यों की सर्च कमेटी ने अपनी रिपोर्ट ट्रस्ट को सौंप दी है। रिपोर्ट में तीन नामों के पैनल का ब्यौरा है। CEO पर आखिरी फैसला ट्रस्ट की मीटिंग में इन नामों पर बातचीत के बाद होने की उम्मीद है। मीटिंग के दूसरे फेज में ट्रस्ट से जुड़े दूसरे ज़रूरी मुद्दों पर भी बात होगी।
इस पूरी कवायद के बीच, पूर्व IPS ऑफिसर राजेश पांडे CEO पद के सबसे मज़बूत दावेदार के तौर पर उभरे हैं। राजेश पांडे की उम्मीदवारी को जो बात खास बनाती है, वह सिर्फ़ उनका पुलिस और एडमिनिस्ट्रेटिव अनुभव ही नहीं है। वह लखनऊ के अलीगंज में ऐतिहासिक हनुमान मंदिर के ट्रस्ट के सेक्रेटरी भी हैं। मंदिर मैनेजमेंट और धार्मिक संस्था मैनेजमेंट में उनका सीधा अनुभव उन्हें राम मंदिर CEO के पद के लिए ज़रूरी बनाता है।
ट्रस्ट की बैठक में प्रमुख पदाधिकारियों सहित आमंत्रित सदस्य भी मौजूद
1. महंत नृत्य गोपाल दास
2. कमलनयनदास
3. स्वामी गोविंद देव गिरी
4. कृष्ण मोहन
5. दिनेंद्रदास जी महाराज
6. दिनेशचंद्र जी
7. बजरंग बांगाड़ा
8. जगदीश आफले
9. राज गोपाल मिनियार
10. समीर पांडा
सबकी नज़रें राजेश पांडे पर क्यों हैं?
हालांकि आखिरी फैसला ट्रस्ट का है, लेकिन राजेश पांडे को हमेशा CEO पद के लिए सबसे आगे बताया जाता रहा है। उत्तर प्रदेश कैडर के पूर्व IPS ऑफिसर पांडे ने अपनी पुलिस सर्विस के दौरान मुश्किल हालात में अपने अच्छे काम के लिए पहचान बनाई। राम मंदिर CEO के काम सिर्फ़ एडमिनिस्ट्रेटिव काम तक ही सीमित नहीं होंगे। CEO को अयोध्या में रोज़ाना आने वाले भक्तों को मैनेज करने, सुरक्षा के इंतज़ाम, अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के साथ कोऑर्डिनेशन, VIP और आम भक्तों के लिए इंतज़ाम और मंदिर से जुड़े बड़े कामों को मैनेज करने का काम सौंपा जाएगा। इसीलिए सुरक्षा और एडमिनिस्ट्रेटिव सिस्टम की मुश्किलों की गहरी समझ रखने वाले राजेश पांडे की उम्मीदवारी को अहमियत मिल रही है।
CEO की नियुक्ति समेत कई मुद्दों पर होगी चर्चा
श्री राम मंदिर ट्रस्ट की अहम मीटिंग से पहले रामनगरी में हलचल बढ़ गई है। बुधवार को CEO की नियुक्ति और ट्रस्ट डीड और ट्रस्ट गाइडलाइंस में बदलाव समेत कई अहम फैसलों पर चर्चा होने की उम्मीद है। ट्रस्ट की मीटिंग दोपहर 3 बजे मणिरामदास कैंप में ट्रस्ट प्रेसिडेंट महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में होगी। ज़्यादातर ट्रस्टी पहले ही अयोध्या पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होंगे। मीटिंग से पहले, ट्रस्ट के ट्रेजरर गोविंद देव गिरी, अंतरिम जनरल सेक्रेटरी डॉ. कृष्ण मोहन के साथ रामलला के दरबार गए। दोनों ने रामलला के दर्शन किए और पूजा की और मंदिर की मौजूदा तैयारियों का रिव्यू किया। इसके बाद, वे ट्रस्ट मीटिंग की तैयारी में जुट गए।
चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा की वापसी पर भी फोकस
बैठक में ट्रस्ट के पूर्व जनरल सेक्रेटरी चंपत राय और पूर्व ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा के बारे में फैसला भी अहम माना जा रहा है। सप्लाई चोरी कांड के बाद दोनों ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, हाल ही में उनकी सोशल एक्टिविटी बढ़ गई हैं। इसलिए, ट्रस्ट में उनकी संभावित वापसी को लेकर अटकलें तेज हैं। सूत्रों के मुताबिक, अगर मौजूदा जांच में चंपत राय के ट्रस्ट में वापस शामिल होने से राहत मिलती है, तो उनके ट्रस्ट में वापस शामिल होने की संभावना पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, इस बारे में आखिरी फैसला ट्रस्ट मीटिंग में ही साफ होगा। डॉ. अनिल मिश्रा के बारे में ट्रस्ट के फैसले पर सभी की निगाहें हैं।
डीड में बदलाव का प्रस्ताव भी ज़रूरी हो सकता है।
खबर है कि ट्रस्ट की मीटिंग से पहले RSS और विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कई सीनियर अधिकारी अयोध्या पहुंच गए हैं। VHP के जनरल सेक्रेटरी बजरंग लाल बांगरा, संरक्षक दिनेश चंद्र और RSS के एरिया प्रचारक अनिल सिंह के भी अयोध्या पहुंचने की खबर है। उनके आने से मीटिंग को लेकर चर्चा और तेज़ हो गई है। RSS और VHP के अधिकारियों ने ट्रस्ट के ट्रेज़रर से मुलाकात की और बंद दरवाज़ों के पीछे बातचीत हुई।


