पुणे के वारजे-मलवाड़ी इलाके से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां श्रावण के महीने में नॉन-वेज खाना खाने की मांग को लेकर हुए झगड़े के बाद एक 30 साल के व्यक्ति की उसके पिता ने कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी।
मृतक की पहचान महेश भागवत गायकवाड़ के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि वह नशे की हालत में घर लौटा था और परिवार से मटन कलवन (मटन करी) बनाने की ज़िद कर रहा था।
खबरों के मुताबिक, जब परिवार ने उसे बताया कि श्रावण की वजह से वे नॉन-वेज खाना नहीं बना रहे हैं, तो बहस बढ़ गई। पुलिस का आरोप है कि इसके बाद महेश के पिता ने उसके सिर और चेहरे पर कई बार हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई।
भाई की शिकायत पर मामला दर्ज
यह घटना 24 अगस्त की रात करीब 10:30 बजे से 25 अगस्त की सुबह 4 बजे के बीच वारजे-मलवाड़ी के रामनगर इलाके में हुई। बाद में महेश के भाई ने पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद वारजे-मलवाड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया।
पुलिस ने इस मामले में महेश के पिता, 64 वर्षीय भागवत सूर्यभान गायकवाड़ और उसकी मां, 60 वर्षीय पार्वती भागवत गायकवाड़ को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार, महेश शराब की लत से जूझ रहा था और उसके पास कोई नौकरी नहीं थी। वह अक्सर शराब पीकर खाना खाने के लिए अपने माता-पिता के घर आता था और शराब पीने व नॉन-वेज खाने की मांग को लेकर अक्सर अपने पिता से झगड़ता था।
मटन करी को लेकर पिता-पुत्र के बीच झगड़ा बढ़ा
पुलिस ने बताया कि महेश 24 अगस्त की रात नशे की हालत में अपने माता-पिता के घर पहुंचा और मटन कलवन बनाने की ज़िद करने लगा। हालांकि, परिवार ने उसे बताया कि श्रावण के दौरान नॉन-वेज खाना नहीं बनाया जा रहा है।
परिवार के फैसले के बारे में बताए जाने के बावजूद, महेश अपनी मांग पर अड़ा रहा। जल्द ही यह असहमति उसके और उसके पिता के बीच तीखी बहस में बदल गई।
आरोप है कि पिता ने गुस्से में आकर महेश के चेहरे और सिर पर हमला किया। पुलिस के मुताबिक, हमले में लगी चोटें जानलेवा साबित हुईं। मामले को छिपाने की कोशिश के आरोप में माँ भी गिरफ़्तार
पुलिस का कहना है कि महेश की माँ को पता था कि क्या हुआ है, फिर भी उन्होंने अपने पति को बचाने के लिए महेश की मौत की जानकारी तुरंत किसी को नहीं दी।
उन पर घटना से जुड़े सबूत मिटाने का भी आरोप है। इसलिए पुलिस ने उन्हें मामले में आरोपी बनाया और उनके पति के साथ उन्हें भी गिरफ़्तार कर लिया।
महेश की शादी लगभग 10 साल पहले हुई थी, लेकिन शराब की लत और नौकरी न होने की वजह से उनकी पत्नी अपने दो बच्चों के साथ मायके चली गई थीं। बाद में दोनों का तलाक़ हो गया। इसके बाद महेश अकेले रहने लगे और खाने-पीने के लिए अपने माता-पिता के घर जाते थे। वारजे-मलवाड़ी पुलिस मामले की जाँच कर रही है और गिरफ़्तार पति-पत्नी से पूछताछ की जा रही है।


