HomePOLITICSसही नेताओं को चुनने से ही असली बदलाव आएगा: आकाश आनंद

सही नेताओं को चुनने से ही असली बदलाव आएगा: आकाश आनंद

बहुजन समाज पार्टी (BSP) के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद ने सोमवार को दिल्ली में ‘जेन Z’ (युवा पीढ़ी) के आंदोलन की तारीफ़ की, लेकिन उसकी उपलब्धियों पर सवाल भी उठाए। उन्होंने कहा कि असली बदलाव सही नेताओं और सही पार्टी को चुनने से ही आ सकता है, क्योंकि सिर्फ़ भाषण देने या विरोध-प्रदर्शन करने से सरकार नहीं बदलेगी।

उन्होंने कहा, “इस बात का आकलन किया जाना चाहिए कि क्या बदलाव आया। उन्होंने एक व्यक्ति को बदलकर दूसरा ले आए, लेकिन न तो नीतियां बदलीं, न ही प्रक्रिया और न ही अधिकारी। आपका भविष्य अभी भी वैसा ही है।”

BSP नेता ने दावा किया, “सही रास्ता स्वर्गीय कांशीराम और मायावती ने दिखाया था। उन्होंने हमेशा सत्ता के ढांचे में बदलाव पर ज़ोर दिया और अपने समर्थकों को खुद शासक बनने के लिए प्रेरित किया, क्योंकि आखिरकार सत्ता हासिल करके ही कोई अपनी किस्मत खुद लिख सकता है।”

BSP प्रमुख के भतीजे आनंद ने कहा, “हमारी पीढ़ी की आलोचना यह कहकर की जाती थी कि हम सिर्फ़ सोशल मीडिया तक सीमित हैं और बदलाव लाने के लिए सड़कों पर नहीं उतर सकते। लेकिन दिल्ली के आंदोलन ने ‘जेन Z’ के बारे में की गई इस आलोचना को गलत साबित कर दिया और शिक्षा मंत्री को इस्तीफ़ा देना पड़ा।

वे हाथरस ज़िले के सादाबाद विधानसभा क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम उत्तर प्रदेश में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए BSP की तैयारियों के तहत आयोजित किया गया था।

अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने एक नया नारा दिया: ‘इस बार वोट हाथी को, अपने पुराने साथी को’ और मतदाताओं से BSP प्रमुख मायावती को पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनाने की अपील की।

आनंद ने कहा, “विरोध करना और नाराज़गी ज़ाहिर करना अच्छी बात है, लेकिन हमें सही कदम उठाने की ज़रूरत है: एक अच्छा नेता और सही पार्टी चुनें जो आपके लिए लड़े। इसलिए, झूठे घोषणापत्र के ज़रिए किए गए छोटे-मोटे वादों के आधार पर नहीं, बल्कि पार्टी के कामों के आधार पर वोट दें। अपनी भलाई के लिए बहन मायावती जी को वापस लाएं।”

उन्होंने युवाओं के बीच बेरोज़गारी के नाम पर ‘आरक्षण’ के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे नए दुष्प्रचार के बारे में लोगों को आगाह किया। उन्होंने दावा किया, “आरक्षण खत्म करने को ‘गरीबी दूर करने’ का मंत्र बताया जा रहा है, जो पूरी तरह से बेबुनियाद है। आरक्षण मूल रूप से सामाजिक असमानता को दूर करने के लिए है और इसका गरीबी दूर करने से कोई लेना-देना नहीं है।” आनंद ने कहा, “जिस तरह हमारी पीढ़ी के लोगों ने दिल्ली की सड़कों पर उतरकर अपने अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ी, उसी तरह हमारे समाज के युवाओं को भी अपने अधिकारों के लिए लड़ना चाहिए। आने वाले विधानसभा चुनाव में यह मौका मिल रहा है, इसलिए हमें इसे नहीं गंवाना चाहिए और इस बार बदलाव के लिए वोट करना चाहिए।” उन्होंने अपनी मेंटर और पार्टी नेता मायावती की तारीफ़ भी की।

इसके अलावा, उन्होंने उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार पर रोज़गार, शिक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में नाकाम रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी कमियों को छिपाने के लिए पिछले दस सालों में विज्ञापनों पर 7,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा खर्च किए हैं। आनंद ने कहा कि सरकार से पिछले 10 सालों के कामकाज के बारे में सवाल पूछा जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “अगर यह पैसा युवाओं की परीक्षाओं और रोज़गार पर खर्च किया जाता, तो बड़ी संख्या में युवाओं को सरकारी नौकरी मिल सकती थी।” आनंद ने दावा किया, “झांसी मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत हुई, सरकारी पद खाली पड़े हैं, 25,000 सरकारी स्कूल बंद कर दिए गए और अहम परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं।

कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए आनंद ने बीजेपी और कांग्रेस को एक ही सिक्के के दो पहलू बताया। बीएसपी के राष्ट्रीय संयोजक ने आरोप लगाया, “कांग्रेस संविधान की रक्षा का झूठा दावा करती है, लेकिन जहां भी सत्ता में होती है, वहां बीजेपी की तरह ही काम करती है।

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस बी.आर. अंबेडकर के संविधान की बात तो करती है, लेकिन जिन राज्यों में वह सत्ता में है, वहां वही काम कर रही है जो बीजेपी सरकार कर रही है।

आनंद ने एसपी और उसके प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा। उन्होंने पार्टी के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फ़ॉर्मूले का ज़िक्र करते हुए आरोप लगाया कि यह “लगातार बदलता रहता है”।

‘राहुल और अखिलेश मेरे लिए चाचा जैसे हैं’

आकाश आनंद ने सादाबाद में लोगों का मनोरंजन किया जब उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और एसपी प्रमुख अखिलेश यादव को “चाचा” कहा। एसपी प्रमुख को “चाचा” कहने के बाद आनंद ने कहा, “मैं 30 साल का हूं, वह 50 साल के हैं। मैं उन्हें और क्या कहूं! वह ‘भैया’ (बड़े भाई) नहीं हैं, मेरे लिए चाचा हैं। और मैं यह बात सम्मान के साथ कह रहा हूं।”

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
- Advertisment -spot_img

Must Read