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बुर्का-हिजाब-घूंघट वालों की दुकानों में ‘नो एंट्री’, अब चेहरा दिखाने पर ही मिलेगी ज्वैलरी; जानिए इसके पीछे का कारण


Varanasi Jewellery Shops Rule: उत्तर प्रेदेश के काशी के सर्राफा बाजार में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए ज्वैलर्स ने एक अहम फैसला लिया गया है। अब बुर्का, हिजाब, घूंघट, हेलमेट या मास्क पहनकर चेहरा ढके हुए ग्राहकों को दुकानों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा और न ही उन्हें सोने-चांदी के गहने बेचे जाएंगे। आभूषण खरीदने के लिए ग्राहकों को अब अपनी पहचान स्पष्ट करने के लिए चेहरा दिखाना होगा, इसके बाद ही उन्हें गहने दिए जाएंगे। यह फैसला उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ की वाराणसी इकाई द्वारा लिया गया है, जो हाल की चोरी और लूट की घटनाओं को देखते हुए अपनाया जा रहा है।


फैसले को लागू करने के लिए दुकानों के बाहर पोस्टर और पंपलेट लगाए जा रहे हैं, जिनमें ग्राहकों से चेहरा दिखाने की अपील की गई है। संघ के पदाधिकारी दुकानदारों के बीच जागरूकता अभियान चला रहे हैं, जिसमें मार्च निकालकर सर्कुलर का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है।


अब इन ग्राहकों को नहीं मिलेगी ज्वैलरी 


दरअसल, यह फैसला सुरक्षा से जुड़ा है। सर्राफा व्यापार कीमती वस्तुओं से संबंधित है, जहां चोरी, लूट, डकैती और छिनैती की घटनाएं बढ़ रही हैं। अपराधी अक्सर चेहरा ढककर आते हैं, जिससे CCTV फुटेज में उनकी पहचान नहीं हो पाती। कुछ मामलों में बुर्का या घूंघट वाली महिलाओं द्वारा चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। हेलमेट या मास्क वाले पुरुष भी ऐसे अपराधों में शामिल पाए गए हैं। दुकानदारों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही से बड़ा नुकसान हो सकता है।


बता दें, वाराणसी में लगभग 1500से 2500फुटकर सर्राफा दुकानें और शोरूम हैं, जहां यह नियम लागू किया जा रहा है। थोक बाजार को इससे अलग रखा गया है। मुख्य बाजार जैसे रेशम कटरा, ठठेरी बाजार, सुड़िया, गोविंदपुरा, छत्तातला और कर्णघंटा में दुकानदारों ने इस फैसले को अपना भी लिया है। अगर कोई ग्राहक चेहरा ढककर आता है, तो उसे दुकान में प्रवेश नहीं मिलेगा और न ही कोई सामान दिखाया जाएगा। यह फैसला सभी के लिए समान रूप से लागू किया गया है।


स्वर्णकार संघ का बयान


उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ वाराणसी इकाई के जिलाध्यक्ष कमल कुमार सिंह ने कहा ‘हमारा फैसला किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, बल्कि पूरी तरह सुरक्षा पर आधारित है। चेहरा ढककर आने वाले ग्राहकों की पहचान मुश्किल होती है, जिससे अपराध की स्थिति में समस्या आती है। हम अपील करते हैं कि ग्राहक दुकान पर पहुंचकर चेहरा खोल दें, ताकि हमें संतुष्टि हो।


इसके अलावा जिला महामंत्री किशोर सेठ ने कहा ‘पिछले कुछ समय में चोरी की घटनाएं बढ़ी हैं, जहां अपराधी चेहरा छिपाकर आते हैं। सीसीटीवी में चेहरा स्पष्ट न होने से पहचान नहीं हो पाती। हमारा उद्देश्य सभी की सुरक्षा है, न कि किसी को अपमानित करना।’ 

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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