फिरोजाबाद में, डिलीवरी के कुछ ही घंटों बाद एक नवजात बच्ची की मौत से नाराज़ परिवार वालों ने शुक्रवार को लालपुर रोड (रसूलपुर पुलिस स्टेशन इलाके में) स्थित जयश्री श्याम अस्पताल में भारी हंगामा किया। पिता ने इलाज में लापरवाही के लिए डॉक्टर और बदसलूकी के लिए स्टाफ पर आरोप लगाया। हंगामे की खबर मिलने पर सिटी CO संतोष कुमार सिंह और रसूलपुर स्टेशन हाउस ऑफिसर (SHO) प्रदीप कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की जानकारी हेल्थ डिपार्टमेंट को भी दे दी गई है।
साउथ पुलिस स्टेशन इलाके के बसथ गांव के रहने वाले विमल की पत्नी सविता (27) को गुरुवार को लेबर पेन शुरू हुआ। परिवार वाले उसे दोपहर करीब 2:00 बजे लालपुर रोड स्थित जयश्री श्याम अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे भर्ती कर लिया। उसने शाम करीब 7:00 बजे एक बच्ची को जन्म दिया। विमल का आरोप है कि डिलीवरी के बाद डॉक्टर ने बच्ची की धड़कन कम होने की बात कही और उसे किसी स्पेशलिस्ट से दिखाने और कहीं और भर्ती कराने की सलाह दी।
आरोप है कि परिवार के ज़ोर देने पर बच्ची को रात करीब 9:00 बजे असफाबाद क्रॉसिंग स्थित आयुष अस्पताल भेजा गया। परिवार बच्ची को आयुष अस्पताल ले गया, जहां शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। नवजात की मौत की खबर सुनकर परिवार गम में डूब गया और रोने-बिलखने लगा। वे बच्ची को वापस गांव ले गए और उसी रात अंतिम संस्कार कर दिया।
विमल ने आरोप लगाया कि शुक्रवार को जयश्री श्याम अस्पताल के डॉक्टर ने उन पर पत्नी को डिस्चार्ज कराने के लिए दबाव डाला। उन्होंने दावा किया कि स्टाफ ने उनके साथ बदसलूकी की और जातिसूचक शब्द कहे। पिता ने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ के पास ज़रूरी डिग्री और डिप्लोमा नहीं थे। उन्होंने जांच की मांग करते हुए कहा कि बच्ची की मौत बिना ट्रेनिंग वाले स्टाफ की वजह से हुई।
पुलिस के आने के बाद हंगामा शांत हुआ
शुक्रवार को परिवार अस्पताल पहुंचा और हंगामा करने लगा, जिससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई। जानकारी मिलने पर सिटी CO संतोष कुमार सिंह और रसूलपुर SHO प्रदीप कुमार पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने परिवार को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस बीच, पुलिस टीम ने घटना के बारे में स्वास्थ्य विभाग को सूचित कर दिया है। सिटी सर्कल ऑफिसर (CO) संतोष कुमार सिंह ने बताया कि परिवार के सदस्यों को समझा-बुझाकर शांत करा दिया गया है और स्वास्थ्य विभाग को स्थिति से अवगत करा दिया गया है।


