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एक बार फिर उठा PAK के झूठ से पर्दा, ऑपरेशन सिंदूर की जीत के बाद मिला ‘फतह-1’ रॉकेट का मलबा


Fateh-1 Rocket Found in Dal Lake: जम्मू-कश्मीर की राजधानी श्रीनगर की प्रसिद्ध डल झील एक बार फिर चर्चा का विषय बन चुकी है। लेकिन इस बार वजह है पाकिस्तान की तथाकथित ‘उन्नत’ बैलिस्टिक मिसाइल ‘फतह-1’ का एक अवशेष, जो झील के तल से बरामद हुआ है। यह खोज न केवल ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी सेना की खुफिया नाकामी को उजागर करती है, बल्कि इस्लामाबाद के प्रचार तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है। दरअसल, एक रूटीन सफाई अभियान के दौरान मिला यह अवशेष, पाकिस्तान की उस दावेदारी को झुठला देता है जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उनकी मिसाइल ने श्रीनगर एयरबेस को निशाना बनाया था।


डल झील से बरामद हुआ ‘फतह-1′ मिसाइल


21 सितंबर 2025 को, झील संरक्षण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एलसीएमए) की एक नियमित सफाई टीम ने झील के पास एक संदिग्ध वस्तु बरामद की। शुरुआती जांच में यह पाकिस्तानी ‘फतह-1’ मिसाइल का अप्रभावित (unexploded) हिस्सा साबित हुआ। टीम ने तुरंत इसे निकटतम पुलिस स्टेशन ले जाकर फोरेंसिक जांच के लिए सौंप दिया। उसी दिन, श्रीनगर के बाहरी इलाके लासजन से भी एक संदिग्ध वस्तु बरामद की गई, जो इसी घटना से जुड़ी हो सकती है।


जानकारी के अनुसार, यह मिसाइल श्रीनगर एयरबेस को निशाना बनाने के इरादे से दागी गई थी, लेकिन नेविगेशन सिस्टम की खराबी के कारण यह झील में जा गिरी। झील के शांत जल में उतरते ही यह फट गई, लेकिन पूरा प्रभाव नहीं कर सकी, जिससे मछलियां और बतखें ही इसका ‘शिकार’ बनीं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें इस अवशेष को स्पष्ट रूप से दर्शाती हैं, जो पाकिस्तानी हथियार प्रणाली की कमजोरी को प्रमाणित करती हैं।


पाकिस्तानी दावों पर उठे सवाल


पाकिस्तान ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद अपनी असफलताओं को छिपाने के लिए कई प्रचार अभियान चलाए। उन्होंने न केवल भारतीय विमानों के ‘नष्ट’ होने का दावा किया, बल्कि ‘फतह-1’ की सफलता का भी ढिंढोरा पीटा। लेकिन यह बरामद अवशेष इन दावों को पूरी तरह बेनकाब करता है। भारतीय विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने इसे ‘उकसावेपूर्ण और बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई कार्रवाई’ करार दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की ऐसी हरकतें न केवल नागरिक क्षेत्रों को खतरे में डालती हैं, बल्कि क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा भी हैं।


वहीं, पाकिस्तानी पक्ष ने इस खोज को खारिज करने की कोशिश की है। कुछ पाकिस्तानी स्रोतों का दावा है कि यह अवशेष भारतीय ‘पिनाका’ रॉकेट का है, जो लॉन्च के दौरान फेल हो गया। लेकिन फोरेंसिक सबूत और विशेषज्ञ विश्लेषण इस दावे को गलत साबित करते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान ने अपनी सेना में ‘आर्मी रॉकेट फोर्स’ गठित करने की घोषणा की, जो उनकी रक्षा क्षमता में आई खामियों को स्वीकार करने जैसा प्रतीत होता है।

Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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