Jharkhand Naxalites Surrender: झारखंड के लातेहार जिले में नक्सलवाद के खिलाफ चल रही सुरक्षा बलों की मुहिम को एक बड़ी सफलता मिली है। 01 सितंबर को नक्सली संगठन झारखंड जन मुक्ति परिषद (JJMP) के 09 नक्सलियों ने पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सामने सरेंडर किया हैं। इन नक्सलियों पर कुल 23 लाख रुपये का इनाम था। जिनके पास से चार AK-47 राइफल, तीन सेल्फ-लोडिंग राइफल (SLR) और 1200 से ज्यादा कारतूस बरामद किए गए।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली
आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सलियों में JJMP का शीर्ष जोनल कमांडर रविंद्र यादव शामिल है, जिस पर 5 लाख रुपये का इनाम था और उसके खिलाफ 14 मामले दर्ज हैं। जानकारी के अनुसार, रविंद्र ने दो AK-47, तीन राइफल और 1,241 कारतूस के साथ आत्मसमर्पण किया। इसके अलावा चार सब-जोनल कमांडरों अखिलेश रविंद्र यादव (10 मामले, 5 लाख का इनाम), बलदेव गंझू (9 मामले, 5 लाख का इनाम), मुकेश राम यादव (21 मामले, 5 लाख का इनाम) और पवन उर्फ राम प्रसाद (3 लाख का इनाम) ने भी हथियार डाले। अन्य क्षेत्र कमांडरों में ध्रुव, श्रवण सिंह और मुकेश गंझू शामिल हैं, जिन्होंने एक AK-47, एक राइफल, और सैकड़ों कारतूस जमा किए।
पुलिस के अनुसार, यह सामूहिक आत्मसमर्पण सुरक्षा बलों की निरंतर कार्रवाई और झारखंड सरकार की पुनर्वास नीति का परिणाम है। वहीं, लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव ने बताया कि यह पहली बार है जब JJMP के इतने बड़े समूह ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है। ऐसा करने से संगठन का ढांचा क्षेत्र में काफी हद तक कमजोर पड़ गया है। सरेंडर करने वाले नक्सलियों के सिर पर 23 लाख का इनाम घोषित था।
लातेहार पुलिस मुख्यालय में आत्मसमर्पण समारोह
आत्मसमर्पण समारोह लातेहार पुलिस मुख्यालय में आयोजित किया गया। जिसमें CRPF के IG साकेत सिंह, IG (ऑपरेशंस) माइकलराज S, पलामू IG सुनील भास्कर, DIG नौशाद आलम, और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत सहायता प्रदान की जाएगी। जिसमें नकद प्रोत्साहन, व्यावसायिक प्रशिक्षण, और मुख्यधारा में शामिल होने के लिए अन्य सुविधाएं शामिल हैं।


