Census In India: भारत में जनगणना को लेकर तारीखों का ऐलान हो गया है। साल 2026 में जनगणना शुरु होगी, जो मार्च 2027 तक चलेगी। गृह मंत्री अमित शाह ने एक कार्यक्रम में इसकी जानकारी दी है। साथ ही गृह मंत्रालय ने इससे सबंधित एक अधिसूचना भी जारी कर दी है। पूरे देश में दो चरणों में जनगणना करवाई जाएगी। इस पूरी प्रक्रिया में 21 महीने का समय लगेगा। जानकारी के अनुसार, जनगणना की प्राइमरी डेटा मार्च 2027 तक जारी हो सकती है, वहीं डिटेल डेटा जारी होने में दिसंबर तक का समय लग जाएगा। गौरतलब है कि इस बार आजादी के बाद पहली बार जातिगत जनगणना भी साथ होगी। बता दें, साल 2020 में ही इस जनगणना को हो जाना चाहिए था लेकिन कोरोना के कारण इसे टाल दिया गया। अब करीब 6 सालों की देरी से जनगणना की प्रक्रिया शुरु होगी।
दो चरणों में होगी जनगणना
गृह मंत्रलाय ने जनगणना को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। 2011 के जैसे की इस बार भी दो चरणों में जनगणना की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पहले चरण में हर परिवार के घर की स्थिति, मकानों की गणना, उसमें उपलब्ध सुविधाएं और संपत्ति से जुड़ी जानकारियां इकट्ठा की जाएगी। वहीं, दूसरे चरण में व्यक्ति की संख्या जैसे उम्र और लिंग, सामाजिक-अर्थिक आकंड़े जैसे शिक्षा और रोजगार, सांस्कृतिक और अन्य कई जानकारियां इकट्ठा की जाएंगी। इसके अलावा आजादी के बाद पहली बार OBC और समान्य वर्ग की संख्या को भी इकट्ठा किया जाएगा। गौरतलब है कि इस जानकारियों को सरकार नीतियां योजनाएं बनाने के लिए इस्तेमाल करेगी।
डिजिटल होगी जनगणना
सरकार 16वीं जनगणना की प्रक्रिया को पूरी तरह से डिजिटल बनाने की तैयारी में है। इसके लिए मोबाइल एप तैयार किया जाएगा और उसी में जनगणना से जुड़ी सभी जानकारी एकत्र की जाएगी। एप 16 भाषाओं में उपलब्ध होंगे। इस जनगणना प्रक्रिया को पूरा करने में 34 लाख गणक और सुपरवाइजर हिस्सा लेंगे। इसके साथ ही 21 महीनों तक 1.3 लाख जनगणना पदाधिकारी आधुनिक मोबाइल और डिजिटल उपकरणों के साथ यह काम पूरा करेंगे। रविवार को ही गृह मंत्री अमित शाह ने जनगणना की प्रक्रिया की समिक्षा के लिए अहम बैठक की थी। इस बैठक में केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन, महापंजियन एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण सहित अन्य अधिकारियों के साथ बैठक की थी।




