मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार, शासन और प्रशासन को जनता के करीब लाने के लिए एक नई पहल कर रही है। इस संबंध में, आज गंगा पूजन समारोह के बाद पवित्र शहर हरिद्वार में एक महत्वपूर्ण राज्य कैबिनेट मीटिंग होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजधानी देहरादून ही नहीं, बल्कि पूरे राज्य के अलग-अलग जिलों में कैबिनेट मीटिंग करने की पहल की है। कुछ दिन पहले, सीमावर्ती जिले चंपावत के बनबसा में कैबिनेट मीटिंग हुई थी, और अब कैबिनेट मीटिंग पवित्र शहर हरिद्वार में होने वाली है।
मुख्यमंत्री धामी की इस पहल को सरकार के कामकाज में एक बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। इसका मकसद शासन को जिलों के करीब लाना, स्थानीय ज़रूरतों और विकास की प्राथमिकताओं को समझना और क्षेत्रीय समस्याओं को हल करने के लिए असरदार फैसले लेना है।
राज्य के अलग-अलग ज़िलों में कैबिनेट मीटिंग करने से यह भी मैसेज जाता है कि उत्तराखंड का हर इलाका सरकार के लिए उतना ही ज़रूरी है। बॉर्डर के इलाकों से लेकर धार्मिक और सांस्कृतिक शहरों तक सरकार की एक्टिव मौजूदगी, गुड गवर्नेंस और बैलेंस्ड रीजनल डेवलपमेंट के लिए उसके कमिटमेंट को दिखाती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लगातार इस बात पर ज़ोर दिया है कि सरकारी योजनाओं और फैसलों का असली फ़ायदा आखिरी आदमी तक पहुँचना चाहिए। ज़िलों में कैबिनेट मीटिंग करना इसी विज़न की दिशा में एक कदम आगे है।
चंपावत के बाद हरिद्वार में कैबिनेट मीटिंग करके मुख्यमंत्री धामी ने साफ़ मैसेज दिया है कि सरकार अब सिर्फ़ राजधानी से ही नहीं, बल्कि राज्य के अलग-अलग इलाकों तक पहुँचकर भी डेवलपमेंट का रास्ता तय करने के लिए कमिटेड है। यह पहल सरकार और जनता के बीच भरोसे, बातचीत और हिस्सेदारी को और मज़बूत करने की दिशा में एक ज़रूरी कदम साबित हो सकती है।


