मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के देहरादून में BJP के राज्य हेडक्वार्टर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान राज्य अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, महासचिव तरुण बंसल और दीप्ति रावत भी मौजूद थे। कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 60 साल के शासन के बाद लोगों ने कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों ने तुष्टीकरण की राजनीति को नकार दिया और BJP को चुना, लेकिन तब से कांग्रेस भ्रम की राजनीति में लगी हुई है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कांग्रेस की कथनी और करनी में अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस राज्य में अराजकता फैला रही है। इस कथित भ्रम को दूर करने के लिए राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर 22 अक्टूबर से 5 नवंबर तक उत्तराखंड में “लोकतंत्र बचाओ, अराजकता मिटाओ” मार्च निकाला जाएगा। यात्रा की जानकारी देते हुए CM धामी ने बताया कि 31 अक्टूबर को श्रीनगर, 2 नवंबर को देहरादून और 3 नवंबर को रुद्रपुर में पदयात्रा निकाली जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 2 नवंबर को देहरादून में 10,000 कार्यकर्ता मार्च में हिस्सा लेंगे।
राहुल गांधी और कांग्रेस की पॉलिटिक्स पर निशाना
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी और कांग्रेस की इलेक्शन स्ट्रैटेजी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हार के डर से कांग्रेस कभी EVM तो कभी इलेक्शन कमीशन को दोष देती है। CM के मुताबिक, कांग्रेस अपनी नाकामियों के लिए संवैधानिक संस्थाओं को दोष देती है। दिल्ली के विरोध प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि युवाओं को गुमराह करके हिंसा भड़काई गई। उन्होंने नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजीत डोभाल और दिवंगत जनरल बिपिन रावत के खिलाफ की गई टिप्पणियों की भी निंदा की।
U.C.C. और एंटी-कॉपी कानून का भी जिक्र किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार ने 13,000 एकड़ ज़मीन को कब्ज़े से आज़ाद कराने, यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड (UCC) लागू करने, धर्मांतरण विरोधी कानून और नकल विरोधी कानून जैसे फ़ैसले लिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने भी इन फ़ैसलों का विरोध किया। CM धामी ने कहा कि उत्तराखंड के लोग जागरूक हैं और कांग्रेस की बात नहीं मानेंगे। उन्होंने राज्य में BJP की नीतियों और सरकारी फ़ैसलों के लिए जनता के समर्थन पर भरोसा जताया।


