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बडेथी में विश्व वानिकी दिवस पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

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उत्तरकाशी।
ग्राम बडेथी में विश्व वानिकी दिवस के अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में एक व्यापक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विभिन्न सामाजिक और कानूनी विषयों पर ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का संचालन चमन लाल शाह, पीएलबी डुंडा द्वारा किया गया और इसमें 123 महिला एवं पुरुषों की सहभागिता रही।

शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सचिन कुमार ने कहा कि कानूनी जागरूकता ही एक सशक्त और न्यायपूर्ण समाज की आधारशिला है। जब तक आम व्यक्ति अपने अधिकारों और कानूनों की जानकारी नहीं रखेगा, तब तक वह न्याय से वंचित रहेगा। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का प्रयास है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक निशुल्क कानूनी सहायता पहुंचे और कोई भी व्यक्ति न्याय से वंचित न रहे।

उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि वनों की रक्षा करना हम सभी का कर्तव्य है। पर्यावरण संतुलन बनाए रखना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य से जुड़ा है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति जागरूक रहना चाहिए। साथ ही उन्होंने महिला सुरक्षा, घरेलू हिंसा, दहेज प्रथा, बाल अपराध और साइबर अपराध जैसे गंभीर मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिकों, विधवाओं एवं दिव्यांगजनों को मिलने वाली पेंशन योजनाओं, आपदा पीड़ितों के अधिकारों, साइबर क्राइम, महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा तथा दहेज जैसे अपराधों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि वे किस प्रकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने विभिन्न समस्याएं और प्रश्न भी रखे, जिनका मौके पर ही समाधान किया गया। महिलाओं ने विशेष रूप से घरेलू हिंसा और साइबर अपराध से जुड़े मुद्दों पर जानकारी प्राप्त की, वहीं वरिष्ठ नागरिकों ने पेंशन और सरकारी योजनाओं को लेकर अपनी जिज्ञासाएं साझा कीं।

कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर गांव स्तर पर शिविर आयोजित कर लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाता है, जिससे न्याय तक पहुंच आसान हो सके। उपस्थित लोगों को हेल्पलाइन नंबर एवं संबंधित कार्यालय की जानकारी दी गई, ताकि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत सहायता प्राप्त कर सकें।

पर्यावरण संरक्षण के संदर्भ में वक्ताओं ने जंगलों में आग लगने की घटनाओं को रोकने, अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि समाज जागरूक रहेगा तो न केवल पर्यावरण सुरक्षित रहेगा, बल्कि सामाजिक अपराधों में भी कमी आएगी।

अंत में सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया और इस तरह के जागरूकता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया। पूरे कार्यक्रम का माहौल जागरूकता, सहभागिता और सकारात्मक संदेशों से परिपूर्ण रहा, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार की पहलें बेहद प्रभावी और आवश्यक हैं।

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