लंबगांव।
चर्चित केतन प्रकरण से जुड़े नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी न होने से सोमवार को प्रतापनगर क्षेत्र में लोगों का आक्रोश फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सुबह लंबगांव थाने पहुंचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लंबगांव-डोबरा मोटर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। आंदोलन के समर्थन में व्यापार मंडल लंबगांव, मांजफ और प्रतापनगर के आह्वान पर तीनों बाजार दिनभर पूरी तरह बंद रहे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म की पुष्टि होने तथा पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज होने के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होना पीड़िता के साथ अन्याय है। उनका आरोप था कि सात जून को घटना के बाद पीड़िता तहरीर लेकर थाने पहुंची थी, लेकिन पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। बाद में बालिका की तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में चिकित्सकीय जांच के दौरान दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके आधार पर 11 जुलाई को पॉक्सो अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि मुकदमा दर्ज हुए 10 दिन बीत जाने के बाद भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने से लोगों में भारी आक्रोश है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि केतन हत्याकांड में पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था, जबकि दुष्कर्म के मामले में पुलिस का रवैया उदासीन बना हुआ है। इससे क्षेत्र की जनता में न्याय व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ रहा है।
धरने को संबोधित करते हुए ब्लॉक प्रमुख मनीषा पंवार, अवंतिका भंडारी, राजमोहन रावत, उदय रावत, धर्मेंद्र महर, पुरुषोत्तम पंवार और गजेंद्र रावत सहित अन्य वक्ताओं ने पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि केतन प्रकरण में क्षेत्र की जनता पहले भी निष्पक्ष जांच की मांग के साथ खड़ी रही है और नाबालिग बालिका के मामले में भी समान रूप से निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने जिलाधिकारी टिहरी को ज्ञापन भेजकर मामले के जांच अधिकारियों को बदलने, सोशल मीडिया पर भ्रामक एवं अराजकता फैलाने वाली सामग्री प्रसारित करने वालों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी तथा पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग की।
दोपहर बाद धरना स्थल पर पहुंचे अपर पुलिस अधीक्षक दीपक सिंह और उपजिलाधिकारी मंजू राजपूत ने प्रदर्शनकारियों से दो चरणों में वार्ता की। अधिकारियों ने आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी का मौखिक आश्वासन दिया, लेकिन प्रदर्शनकारी लिखित आश्वासन पर अड़े रहे। दोनों दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद देर शाम तक धरना जारी रहा।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी नहीं की गई और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं हुई तो मंगलवार को केदारनाथ, गंगोत्री एवं लंबगांव तिराहे पर चक्का जाम किया जाएगा। उनका कहना था कि न्याय में हो रही देरी से पूरे क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है और आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरने में कनिष्ठ प्रमुख विशन सिंह रांगड़, व्यापार मंडल अध्यक्ष राजीव पंवार, मुरारी रांगड़, राकेश थलवाल, विजय धनाई, मनोज रमोला, जयेंद्र सेमवाल, अमन राणा, युद्धवीर राणा, सुरेश रावत, संजय पोखरियाल, विजय रांगड़ सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।









