जनपद में गंगा स्वच्छता को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में जिला गंगा समिति उत्तरकाशी के तत्वाधान में गंगा स्वच्छता पखवाड़ा एवं जल महोत्सव पखवाड़ा के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय एवं महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान गंगा की स्वच्छता और जल संरक्षण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई तथा युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए उन्हें इस दिशा में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि गंगा केवल एक नदी नहीं बल्कि देश की आस्था, संस्कृति और जीवनधारा का प्रतीक है, जिसकी स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने जल संकट की बढ़ती चुनौती पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यदि समय रहते जल संरक्षण के ठोस उपाय नहीं अपनाए गए तो भविष्य में गंभीर परिणाम सामने आ सकते हैं। इस दौरान छात्र-छात्राओं को दैनिक जीवन में जल के समुचित उपयोग, अपव्यय रोकने और स्वच्छता बनाए रखने के उपायों की जानकारी भी दी गई।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों को गंगा स्वच्छता एवं जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई, जिसमें उन्होंने गंगा सहित सभी जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखने, प्लास्टिक का उपयोग कम करने और स्वच्छता के प्रति सजग रहने का संकल्प लिया। युवाओं ने भी इस अभियान को आगे बढ़ाने का भरोसा जताते हुए अपने-अपने स्तर पर जनजागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित जल स्रोत सुनिश्चित किए जा सकें। कार्यक्रम का समापन स्वच्छता और जल संरक्षण के संदेश के साथ हुआ, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने गंगा को स्वच्छ और निर्मल बनाए रखने का संकल्प दोहराया।









