HomeUTTARAKHANDअवैध प्लांटिंग; सरकारी सम्पतियों में अतिक्रमण पर डीएम सख्त; ध्वस्तीकरण अभियान शुरू

अवैध प्लांटिंग; सरकारी सम्पतियों में अतिक्रमण पर डीएम सख्त; ध्वस्तीकरण अभियान शुरू

सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को ध्वस्त किया गया। यह कार्रवाई जिलाधिकारी सविन बसंल के निर्देशों के क्रम में उप जिलाधिकारी न्याय कुमकुम जोशी के नेतृत्व में राजस्व एवं वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा की गई।

जिले में सरकारी भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण, अवैध प्लाटिंग तथा वन भूमि पर कब्जों के विरुद्ध जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए निरंतर एवं प्रभावी प्रवर्तन अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देशों पर सभी संबंधित विभागों को समन्वय के साथ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सरकारी एवं वन भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया जा सके।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा, निर्माण अथवा उपयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित ड्राइव चलाई जा रही है, जो आगे भी निरंतर जारी रहेगी। अतिक्रमण के मामलों में यदि किसी अधिकारी/कर्मचारी अथवा किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके विरुद्ध कड़ी विभागीय एवं विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बिना स्वीकृत लेआउट एवं नियमों के की जा रही अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध भी जिला प्रशासन ने कड़ा रूख अपनाते हुए अवैध प्लाटिंग पर रोक लगाने के लिए सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। स्पष्ट किया गया है कि नियमों के विरुद्ध की गई प्लाटिंग का ध्वस्तीकरण के साथ ही दोषियों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग की निष्क्रियता के चलते वन भूमि पर हुए अतिक्रमणों के मामलों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने ध्वस्तीकरण ड्राइव प्रारंभ की है। यह अभियान निरंतर गतिमान रहेगा और वन भूमि तथा विभागों की सरकारी सम्पतियों को अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए सभी आवश्यक प्रशासनिक एवं विधिक कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन द्वारा स्पष्ट किया गया कि संबंधित भूमि राजस्व अभिलेखों में खाता-खतौनी संख्या 254, खसरा संख्या 949(क), कुल रकबा 1.3700 हेक्टेयर के रूप में दर्ज है, जो कि वन विभाग के नाम अभिलेखित एवं संरक्षित भूमि है। उक्त भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य, अवैध अध्यासन अथवा उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है। इसके बावजूद कुछ व्यक्तियों द्वारा नियमों की अवहेलना करते हुए भूमि को खुर्द-बुर्द कर अवैध निर्माण व रास्ता निर्माण किया गया, जिसे प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त पो०ओ० घंघोड़ा, मौजा बिष्ट गांव, परगना पछवादून, तहसील व जिला देहरादून में स्थित भूमि खसरा संख्या 986, रकबा 0.1700 हेक्टेयर, जो कि जंगल-झाड़ी के खाते में दर्ज है, तथा भूमि खसरा संख्या 949(क), रकबा 0.3700 हेक्टेयर, जो कि वन विभाग के खाते में अंकित है। अभियान के दौरान राजस्व, वन, नगर निगम/नगर पालिका एवं पुलिस विभाग के बीच समन्वय स्थापित कर प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे अवैध कब्जों एवं प्लाटिंग से संबंधित सूचनाएं प्रशासन को उपलब्ध कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

इन दोनों भूमि क्षेत्रों से सटी हुई कुछ भूमि अनुसूचित जाति के व्यक्तियों की निजी भूमि है। जानकारी में आया कि कुछ व्यक्तियों द्वारा इन निजी भूमियों पर अवैध प्लॉटिंग कर विक्रय की तैयारी की जा रही थी। जांच में यह भी सामने आया कि प्लॉटिंग की जा रही भूमि तक किसी भी दिशा से वैध आवागमन मार्ग उपलब्ध नहीं था। इसके चलते संबंधित व्यक्तियों द्वारा वन विभाग की भूमि खसरा संख्या 949(क) पर अवैध रूप से कब्जा कर पक्के रास्ते का निर्माण कर दिया गया, जो कि स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन है। जिला प्रशासन द्वारा इस अवैध रास्ते को भी ध्वस्त कर वन भूमि को मुक्त कराया गया।

जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि कानून का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी। सार्वजनिक हित, पर्यावरण संरक्षण एवं शासकीय संपत्तियों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है, और इस दिशा में किसी भी स्तर पर लापरवाही या मिलीभगत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि वन विभाग, जंगल-झाड़ी एवं अन्य सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण, अवैध प्लॉटिंग या निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में यदि ऐसे प्रयास पाए गए तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी दंडात्मक एवं विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व राजस्व अभिलेखों की विधिवत जांच अवश्य करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की जानकारी तत्काल प्रशासन को दें, ताकि सरकारी भूमि एवं वन क्षेत्र का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

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Santosh Singh is owner and cheif editor of Samachar Live, an independent Hindi news and information website. He is involved in researching, preparing, editing and publishing news content across various categories. Contact him at samacharlive.in@gmail.com chaeck more https://www.samacharlive.in/author-santosh-singh
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