spot_img
spot_img
HomeUTTAR PRADESHभारत में रेकी से लेकर हेडली की मदद तक, NIA की चार्जशीट...

भारत में रेकी से लेकर हेडली की मदद तक, NIA की चार्जशीट में 26/11 हमले में तहव्वुर राणा का अहम रोल

fok-media-samman-samaroh


Who is Tahawwur Rana: 26 नवंबर 2008 को हुए मुंबई आतंकी हमलों में शामिल तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। राणा पाकिस्तान में पैदा हुआ था। उसे गुरुवार को दिल्ली लाया जाएगा। यहां उसे तिहाड़ की हाई-सिक्योरिटी जेल में रखा जाएगा। उस पर एनआईए की विशेष अदालत में केस चलेगा।


एनआईए राणा से पूछताछ करेगी। उम्मीद है कि हमले की साजिश से जुड़ी कई अहम जानकारियां मिलेंगी। यह भी पता चल सकता है कि पाकिस्तान में और कौन लोग इस हमले में शामिल थे।डेविड हेडली ने भारत में किनसे संपर्क किया और किसने मदद की, ये बातें भी सामने आ सकती हैं। माना जा रहा है कि राणा की गवाही से पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक बार फिर शर्मिंदगी झेलनी पड़ सकती है।


पाकिस्तानी सेना से लेकर कनाडा तक का सफर


तहव्वुर राणा की उम्र 64साल है। वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में जन्मा था। उसने पाकिस्तानी आर्मी मेडिकल कॉर्प्स में काम किया। 1997में सेना छोड़ी और फिर कनाडा चला गया। वहां उसने कारोबार शुरू किया।उसकी दोस्ती डेविड हेडली से कैडेट कॉलेज हसन अब्दाल में हुई थी। राणा ने अमेरिका में प्रत्यर्पण रोकने की कई कोशिशें कीं। उसने दावा किया कि वह कई गंभीर बीमारियों से जूझ रहा है।


मुंबई हमले की साजिश में राणा की भूमिका


एनआईए की चार्जशीट में बताया गया कि राणा ने डेविड हेडली की भारत में आवाजाही में मदद की। उसने ‘इमिग्रेंट लॉ सेंटर’ नाम की कंपनी शुरू करने में सहयोग किया। इस कंपनी की मदद से हेडली ने कई शहरों की रेकी की।जांच में पता चला कि राणा भी भारत के कई हिस्सों में गया था। उसने साजिश में लॉजिस्टिक और वित्तीय मदद दी।


अमेरिका में गिरफ्तारी और मुकदमे की शुरुआत


3अक्टूबर 2009को डेविड हेडली को शिकागो एयरपोर्ट से एफबीआई ने पकड़ा। उसकी गवाही के आधार पर राणा भी गिरफ्तार हुआ।27अक्टूबर को अमेरिका की अदालत में दोनों पर आतंकी साजिश का केस दर्ज हुआ। चार्जशीट में साफ लिखा है कि राणा ने पूरी योजना में मदद की।


गंभीर आरोपों में फंसा राणा


राणा पर भारत के खिलाफ युद्ध छेड़ने, हत्या, जालसाजी, आपराधिक साजिश और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम जैसी धाराएं लगी हैं।हेडली ने अमेरिकी कोर्ट में अपना गुनाह कबूल कर लिया था, इसलिए उसे भारत नहीं सौंपा गया। लेकिन राणा ने न तो गुनाह माना और न ही कोई समझौता किया। इसी वजह से उसका प्रत्यर्पण संभव हुआ।


तहव्वुर राणा की भारत में मौजूदगी से 26/11 हमलों की जांच को एक नई दिशा मिल सकती है। अब सबकी नजर एनआईए की पूछताछ पर टिकी है, जिससे कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।

*अन्य बड़ी खबरों के लिए समाचार लाइव के होम पेज पर जाएं
----------------------------------------------------------------
RELATED ARTICLES
- Advertisment -spot_img
- Advertisment -free website builder
- Advertisment -free website builder

Latest Post

Most Popular