HomeUTTAR PRADESHआपदा में फंसे हर व्यक्ति और परिवार तक पहुंच रही यूपी सरकार

आपदा में फंसे हर व्यक्ति और परिवार तक पहुंच रही यूपी सरकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने हरियाणा (रेवाड़ी) के धारूहेड़ा स्थित ऑटो पार्ट्स की कंपनी में ब्वायलर फटने मामले में संवेदनशीलता दिखाई है। यूपी के 32 प्रभावितों में से घायलों के इलाज के लिए न सिर्फ तत्काल रूप से 20-20 हजार रुपये उपलब्ध कराये हैं बल्कि सभी छ: मृतकों को 06-06 लाख रुपये की अहेतुक सहयोग राशि भी मुहैया करा दी गयी है। पांच मृतकों के शवों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है जबकि एक मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की कार्यवाही गतिशील है। इधर, यूपी सरकार (UP Government) ने विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों की सुरक्षा और देखभाल के प्रबंध के बावत अपर जिलाधिकारी/उप जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी को तैनाती दी है।

चाहे वह उत्तराखंड के उत्तरकाशी के निर्माणाधीन सिल्क्यारा टनल दुर्घटना का मामला हो या अभी कुछ दिन पूर्व हरियाणा (रेवाड़ी) के धारूहेड़ा स्थित ऑटो पार्ट्स की कंपनी में ब्वायलर फटने से प्रभावित 39 लोगों में यूपी के 32 श्रमिकों के प्रभावित होने का मामला हो; यूपी सरकार (UP Government)  की संवेदनशीलता सदैव देखने को मिली है। आपदा में पड़े प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की चिंता करने वाली यूपी सरकार ने इन मामलों में प्रभावितों को राहत देने में बहुत तेजी से कार्य किया है। यूपी सरकार और राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा संवेदनशीलता से आपदा में पड़े लोगों और उनके परिवारीजनों का त्वरित गति से सहयोग किया जा रहा है।

इलाज के लिए उपलब्ध कराया एम्बुलेंस, 20-20 हजार रुपये

हरियाणा राज्य के रेवाड़ी के धारूहेड़ा स्थित ऑटो पार्ट्स की कंपनी में 16 मार्च को ब्वायलर फटने की घटना में उत्तर प्रदेश के घायलों को लेकर यूपी सरकार (UP Government) काफी संवेदनशील रही है। सरकार के राहत आयुक्त कार्यालय ने घायलों को जहाँ घटना के तत्काल बाद ही अस्पताल पहुँचाने के लिए एम्बुलेंस की व्यवस्था की, वहीं उन्हें 20 हजार रुपये उपलब्ध करवाकर तत्काल इलाज शुरू कराने में भी तत्परता दिखाई। सरकार ने घायलों को अपने एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने में मदद की तथा मृतक परिवारों को 06-06 लाख रुपये की अहेतुक सहायता भी उपलब्ध कराया। घायलों की देखभाल की व्यवस्था में भी सरकार ने रुचि दिखाई।

राहत आयुक्त ने की मेरठ के डीएम से बात

सक्रिय हुए राहत आयुक्त नवीन कुमार ने इस बावत जिलाधिकारी मेरठ से बात की। घायलों की सुरक्षा और देखभाल के प्रबंध का निर्देश दिया। अब इन घायलों की देखभाल और अन्य सहूलियतें प्रदान करने के लिए अपर जिलाधिकारी अथवा उप जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी को तैनाती दी गयी है। यह अधिकारी पीजीआई रोहतक में तैनात है। दूसरी ओर, गौतमबुद्ध नगर में तैनात अतिरिक्त आपदा विशेषज्ञ को दिल्ली स्थित सफदरगंज हास्पिटल में भर्ती मरीजों के पास तैनाती दी गयी है।

यहाँ भर्ती दो मरीजों में से उत्तर प्रदेश के अयोध्या के रहने वाले अमरजीत पुत्र ललमन का देहांत के बाद पोस्टमार्टम की कार्यवाही चल रही है। पोस्टमार्टम के बाद इसकी डेड बॉडी को भी परिजनों को हैण्डओवर कर दिया जायेगा।

घायल श्रमिकों की हर स्थिती पर रखी जा रही नजर

इस संबंध में राहत आयुक्त जीएस नवीन कुमार का कहना है कि रेवड़ी हादसे में उत्तर प्रदेश में 32 श्रमिक शामिल थे। घायलों का इलाज चल रहा है। उत्तर प्रदेश के 06 मृतकों में से जिन 05 की डेड बॉडीज़ को परिजनों को सौंप दिया गया है। मृतकों में मैनपुरी के अजय पुत्र शिवचरण, फिरोजाबाद के राजेश पुत्र रामशब्द, बहराइच के विजय पुत्र बाल किशन, गोरखपुर के रामू पुत्र पावरू और हरदोई के पंकज पुत्र विजय बहादुर शामिल हैं। घायलों के इलाज में सहयोग हो रहा है। घटना के तत्काल बाद उन्हें एंबुलेंस मुहैया कराई गई। इलाज के लिए 20-20 हजार रुपये भी दिए गए। हमारी नजर अब भी बनी हुई है।

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Santosh Singhhttps://www.samacharlive.in
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