लगातार बारिश से यूपी के कई जिलों में नदियां उफनाने लगी हैं। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में मूसलाधार बारिश के बाद शनिवार सुबह मंदाकिनी नदी ने चित्रकूट में भारी तबाही मचा दी है। इससे यूपी-एमपी का संपर्क कट गया है। रेलवे ट्रैक धंसने से ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ। वहीं, प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ने वाला बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। पानी संगम क्षेत्र स्थित हनुमान जी के मंदिर के मुख्य द्वार और कॉरिडोर की दीवारों तक पहुंच गया है। प्रशासन लोगों के बचाव व राहत कार्य में लगा है।
चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के बढ़ते जलस्तर व तेज बहाव ने शनिवार को शहर की रफ्तार रोक दी। दोपहर करीब 1:30 बजे नदी का पानी झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर कर्वी को जोड़ने वाले पुल के करीब पहुंच गया। खतरे को देखते हुए प्रशासन ने पुल पर तैनात बंद कर दिया। हाईवे बंद होने से कानपुर, प्रयागराज, बांदा, हमीरपुर समेत कई जिलों की ओर जाने और मुख्यालय आने वाले करीब 10 से 15 हजार राहगीर रास्ते में फंस गए। मंदाकिनी में आई बाढ़ से पूरा रामघाट, आरोग्य धाम पानी से भर गया है।
रामघाट के आसपास की करीब 800 दुकानें पूरी तरह से डूब गई। काफी संख्या में लोग घरों में कैद हो गए हैं और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। वहीं कुछ लोग अपना सामान लेकर जगह पर पहुंचा रहे हैं। चित्रकूट-बांदा मार्ग को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है।
बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतना जाने वाले मार्ग को बंद कर दिया गया है और सीतापुर शंख चौराहा से श्रद्धालुओं को रोक दिया गया है। मानिकपुर-सतना मार्ग का कारी बराह पुल टूटा।
चित्रकूट के गांवों में सैकड़ों तालाब फंस गए हैं। जो गलियों और छतों से सीमेंट होने का वीडियो वायरल कर प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इधर, गोबरिया में सीमेंट 50 लोगों को उठाकर सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है।


