Uttarkashi Cloud Burst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में बादल फटने की घटना ने भयावह तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि 50 लोग लापता बताए जा रहे हैं। पहाड़ों से बहकर आए मलबे में कई घर तबाह हो गए हैं। खीर गाढ़ नदी के जलग्रहण क्षेत्र में अचानक जलस्तर बढ़ने से धराली बाजार, गांव, घर, लॉज, होटल और होमस्टे पानी और मलबे की चपेट में आ गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह हादसा इतना भयानक था कि कुछ ही पलों में सब कुछ तहस-नहस हो गया।
त्रासदी का मंजर: प्रत्यक्षदर्शियों की जुबानी
धराली में बादल फटने की वजह से पहाड़ों से बहकर आए मलबे में कई घर तबाह हो गए हैं। इलाके के स्थानीय निवासियों और वहां मौजूद पर्यटकों ने इस आपदा के खौफनाक मंजर को बयां किया। एक स्थानीय दुकानदार ने बताया ‘सुबह का समय था, अचानक तेज आवाज के साथ पानी और मलबे का सैलाब आ गया। दुकानें, घर, सब कुछ बह गया। कुछ समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। सब लोग चीख रहे थे।’ एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने बताया ‘वह अपने परिवार के साथ होमस्टे में ठहरा था। हमने पहले कभी ऐसा नहीं देखा। पानी इतनी तेजी से आया कि भागने का मौका तक नहीं मिला। हमारे होमस्टे का एक हिस्सा मलबे में दब गया।’
जानकारी के अनुसार, गंगोत्री मार्ग पर स्थित धराली गांव में कई घर, होटल और रेस्तरां पूरी तरह तबाह हो गए। वहां आए एक पर्यटक ने बताया ‘हम गंगोत्री दर्शन के लिए आए थे, लेकिन यह हादसा हमारी जिंदगी का सबसे डरावना अनुभव बन गया। सड़कें, गलियां, सब कुछ पानी और कीचड़ से भर गया।’
राहत-बचाव कार्य में तेजी
बता दें, हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, NDRF, SDRF, पुलिस और हर्षिल से सेना की टुकड़ियां तुरंत मौके पर पहुंचीं। बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। NDRF की तीन टीमें और शास्त्रधार हवाई पट्टी पर दो अतिरिक्त टीमें एयरलिफ्ट के लिए तैयार हैं। उत्तरकाशी के SDM देवानंद ने बताया ‘हर्षिल आर्मी, SDRF और पुलिस की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं। इसके अलावा प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है।’
दूसरी तरफ, उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया ‘स्थिति गंभीर है। खीर गाढ़ नदी में बादल फटने से भारी मात्रा में पानी और मलबा नीचे आया, जिसने धराली बाजार और आसपास की बस्तियों को तबाह कर दिया।’ उन्होंने आगे बताया कि इस त्रासदी में अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 50 से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कम से कम 12 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है।









